मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद निर्माण को लेकर विवाद एक बार फिर गरमा गया है. बाराबंकी की एनजीओ ‘दहेज पर प्रहार’ की टीम मंगलवार को धन्नीपुर पहुंची और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड पर मस्जिद के नाम पर चंदा जुटाने और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए.
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संगठन की प्रतिनिधि ने कहा कि 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले में राज्य सरकार ने सोहावल तहसील के धन्नीपुर गांव में मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ जमीन आवंटित की थी, लेकिन करीब 7 साल बाद भी निर्माण शुरू नहीं हो सका है. उन्होंने दावा किया कि निर्माण स्थल पर अब तक बाउंड्री वॉल तक नहीं बनाई गई है.
प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड और इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (IICF) मस्जिद के नाम पर चंदा जुटा रहे हैं, लेकिन फंडिंग और खर्च का कोई हिसाब सार्वजनिक नहीं किया जा रहा. स्थानीय लोगों को लगातार गुमराह किया जा रहा है. उन्होंने आरटीआई के जवाब नहीं मिलने और चंदे से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.
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एनजीओ ने चेतावनी दी है कि अगर अगले 15 दिनों में स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो लखनऊ में सुन्नी वक्फ बोर्ड का घेराव किया जाएगा और मामला हाईकोर्ट ले जाया जाएगा. संगठन की मांग है कि आवंटित जमीन पर जल्द मस्जिद का निर्माण कराया जाए, अन्यथा जमीन राज्य सरकार को वापस की जाए.

