हाथरस. सांसद अनूप प्रधान के नाम और पद का दुरुपयोग कर राजकमल प्रकाशन से 11 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है. आरोप है कि विमल गौतम ने सांसद निधि से किताबों की खरीद का काम दिलाने का झांसा देकर प्रकाशन संस्थान को अपने जाल में फंसाया. इस दौरान आरोपी ने सांसद के लेटरहेड और फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर कथित तौर पर जाली दस्तावेज तैयार किए.

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आरोप के मुताबिक, विमल गौतम ने ई-साक्षी पोर्टल पर सांसद के नाम से फर्जी पत्र अपलोड किया और इसी के जरिए किताबों की खरीद से जुड़ा काम दिलाने का भरोसा दिलाया. आरोपी की बातों पर विश्वास करते हुए राजकमल प्रकाशन की ओर से प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया. हालांकि बाद में दिल्ली में सांसद अनूप प्रधान से मुलाकात के दौरान पूरे मामले की सच्चाई सामने आ गई और कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ.

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मामले को लेकर दिल्ली स्थित राजकमल प्रकाशन के सीईओ मुकेश कुमार ने हाथरस के कोतवाली हाथरस गेट में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. सांसद के लेटरहेड और हस्ताक्षरों के कथित दुरुपयोग के साथ 11 लाख रुपये की ठगी के इस मामले ने क्षेत्र में हलचल मचा दी है.