लखनऊ. अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर सियासी पारा गरमाता नजर आ रहा है. रामलला के दर्शन न करने को लेकर ओपी राजभर ने सपा सुप्रीमो पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि अखिलेश जी, हो आए अयोध्या? दर्शन करने नहीं गए ना? जाते भी कैसे, दाढ़ी-टोपी रूठ जो जाती. एक बात बताइयेगा? अयोध्या की सड़कों पर जब आप पहुंचे तो क्या आपके कानों में कारसेवकों की चीख़ें नहीं गूंजी? उन्हीं कारसेवकों की चीख़ें जिन पर आपके पिता जी ने गोली चलवाई थी? याद तो आई होगी? अंदर अंदर आप मुस्कुराए भी होंगे?
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आगे ओपी राजभर ने कहा कि अभी भी समय है, पश्चाताप कर लीजिए. पाप ख़त्म तो नहीं होंगे, शायद ईश्वर माफ़ कर दे. प्रभु श्री राम बड़े दयालु हैं. दूसरी बात ये कि अगर आस्था है तो राजनैतिक समीकरण का बंधक मत बनिए. अगर आस्था नहीं है तो खुलकर कहिए कि मैं नास्तिक हूं. बीच में रहकर ना 80 के रहेंगे, ना 20 के.
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ओपी राजभर ने ये भी कहा कि बाक़ी आपकी एक तस्वीर देखी. भोजन प्रसाद पाते हुए. आश्चर्य हुआ कि जो अखिलेश जी इफ़्तारी में टोपी लगाकर चहकते हुए दिखते हैं, वही अखिलेश जी कैसे असहज बैठे हैं. ये तस्वीर देखकर लग रहा है कि भोजन प्रसाद के लिए नहीं, बल्कि वोट की भूख मिटाने बैठे हैं. ऐसा लगता है जैसे इफ़्तार वाली मुस्कान दिख गई तो मौलाना नाराज़ हो जायेंगे. उम्मीद है आपकी अंतरात्मा जागेगी और आज नहीं तो कल, आप प्रभु श्री राम के और प्रभु हनुमान के दर पर शीश नवाकर माफ़ी ज़रूर मांगेंगे.

