गाजियाबाद. दसवीं के दलित छात्र के साथ कथित जातिगत उत्पीड़न और मारपीट का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. इन सबके बीच योगी सरकार के सुशासन में कानून के रखवाले केस दर्ज करने के बजाय समझौता करने का दबाव बना रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस ने सीएम योगी पर कानून व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है.
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कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि गाजियाबाद में दसवीं के दलित छात्र के साथ कथित जातिगत उत्पीड़न और मारपीट के आरोप बेहद गंभीर हैं. पढ़ाई छोड़ने की धमकी और न्याय मांगने वाले पिता पर समझौते का कथित दबाव कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. यह घटना भाजपा की दलित-विरोधी मानसिकता को साफ़ तौर पर प्रदर्शित करती है, जहां दलित समाज के बच्चों के अधिकारों और उनके भविष्य की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
कांग्रेस ने कहा कि क्या उत्तर प्रदेश में अब जाति देखकर तय होगा कि किस बच्चे को पढ़ने का अधिकार है और किसे न्याय मिलेगा? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बताएं कि शिकायत के बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं होने के आरोपों पर प्रशासन की जवाबदेही कौन तय करेगा? बाबा साहब का संविधान किसी बच्चे के साथ जातिगत भेदभाव की इजाज़त नहीं देता.
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आगे कांग्रेस ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जाँच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. दलित समाज के बच्चों का भविष्य भय और भेदभाव के हवाले नहीं किया जा सकता. न्याय और समानता हर बच्चे का संवैधानिक अधिकार है.

