लखनऊ. रामपुर जेल पहुंचकर अखिलेश यादव ने आजम खान से मुलाकात की थी. मुलाकात के बाद अखिलेश यादव का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि रामपुर की धरती से आदरणीय आज़म खान साहब के लिए हमारा यही ऐलान है कि जो आज़म थे, वो आज़म हैं, वो आज़म रहेंगे. फर्जी मुकदमों में इतनी ताकत नहीं है कि वो सच को कैद कर सकें.

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आगे अखिलेश यादव ने कहा कि षड्यंत्र रचकर किसी को क़ैद में रखने वाला भी हमेशा अपने दिमाग़ की जेल में डरके मारे बंद रहता है, क्योंकि उसे हर पल यही डर सताता है कि कल को जब सच सामने आयेगा तो उसे अपने किये की सज़ा भुगतनी ही होगी. वो कल की सज़ा के बारे में सोच-सोचकर अंदर-ही-अंदर गलता-डरता रहता है.

आगे उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारी और फ़र्ज़ी मुक़दमे भाजपाई शासन-प्रशासन के दो अहम हथियार हैं. जब भी भाजपा की नाइंसाफ़ी का इतिहास लिखा जाएगा रामपुर का नाम सबसे ऊपर आएगा. जौहर यूनिवर्सिटी को बंद करने की साज़िश दरअसल पीडीए से पढ़ाई के अधिकार को छीनने का षड्यंत्र है, जो हज़ारों स्कूल बंद कर सकते हैं वो यूनिवर्सिटी को क्या छोड़ेंगे.

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अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि ये दक़ियानूसी नकारात्मक भाजपाई लोग आदरणीय आज़म ख़ान जी से इसलिए चिढते हैं, क्योंकि ये ख़ुद कभी आज़म साहब की तरह तरक्की पसंद और सकारात्मक नहीं हो सकते हैं. भाजपा का इल्म और तालिम से छत्तीस का आंकड़ा है. इल्म के मामले में भाजपा सिफ़र है. बदले की भावना रखने वाली भाजपा को जनता हमेशा के लिए बदल देगी.