लखनऊ. अंकिता भंडारी के परिजनों दुष्यंत कुमार गौतम के खिलाफ केस दर्ज कराकर जांच की मांग की थी. इन सबके बीच दुष्यंत कुमार गौतम को भाजपा ने राज्यपाल बनाया है, जिसे लेकर सियासी पारा गरमा गया है. इस मामले को लेकर अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर करारा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राज्यसभा की बात करने वाले उप्र के मुख्यमंत्री जी में अगर रत्ती भर भी लाज-शर्म-हया हो तो भाजपा द्वारा बनाए गए सिक्किम के विवादित ‘राज्यपाल’ के बारे में बोलें. उत्तराखण्ड की बेटी के प्रति उप्र के मुख्यमंत्री जी का भी तो कोई दायित्व बनता है या नहीं. उत्तराखण्ड छोड़ आए तो क्या नैतिकता भी छोड़ आए हैं.

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आगे अखिलेश यादव ने कहा कि देखते हैं उप्र के मुख्यमंत्री जी की आवाज़ किसी बच्ची के साथ हुए पाप के ख़िलाफ़ निकलती है या भयभीत होकर उनकी घिग्घी बंध जाती है. हमारी उनसे अपील है कि यदि उनमें अंश मात्र भी धर्म है तो वो एक आरोपी को राज्यपाल बनाने के फ़ैसले का घोर विरोध करें. ये उनको सीधी चुनौती है, नहीं तो वो सदैव के लिए मौन धारण कर लें. फिर तो यही माना जाएगा कि इसमें उनकी ख़ामोश सहमति भी शामिल है.

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अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि दिल्ली का ड्रोन-दूरबीन तो सिक्किम तक नहीं देख पा रहा है देखते हैं उप्र के मुख्यमंत्री जी का बुलडोज़र वहां तक पहुंचाता है या नहीं. आज पूरे देश की हर बेटी और उनके माँ-बाप भाजपा के इस फ़ैसले से बेहद आक्रोशित हैं कि भाजपा ने घोर निंदनीय निर्णय लेते हुए अपने दल के एक ऐसे व्यक्ति को सिक्किम का राज्यपाल बनाया है जिसके घिनौने कुकृत्यों की वजह से एक बच्ची के साथ अन्याय हुआ और उसकी हत्या भी कर दी गई. भाजपा बेशर्म अपराधियों का गिरोह है. उत्तराखण्ड की बेटी के साथ न्याय हो!