लखनऊ. तथाकथित महिला आरक्षण बिल को लेकर जमकर सियासत हो रही है. भाजपा सपा समेत सभी विपक्षी दलों पर इस मुद्दे को लेकर हमलावर है. भाजपा विपक्षी दलों को महिला विरोधी बता रही है. जिसे लेकर सपा सुप्रीमो ने भाजपा पर करारा पलटवार किया है. अखिलेश यादव ने कहा, लोकसभा में परिसीमन बिल पास नहीं होना भाजपा सरकार की बदनीयती की हार हुई हैं. यह ऐतिहासिक दिन है. परिसीमन बिल का गिरना लोकतंत्र की जीत हुई है. हार का सीधा मतलब होता है कि सरकार जनता की इच्छा का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं. लोगों की इच्छा का प्रतिनिधित्व विपक्ष कर रहा है. इस सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है. उन्होंने कहा कि भाजपाई राजनीति का आधार हमेशा दरारवादी रहा है. भाजपा लोगों बांटकर अविश्वास पैदा करती है.

आगे अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जल्दबाजी में जिस तरह से लाया गया, उसके खिलाफ है. जातीय जनगणना होगी तो देश आरक्षण मांगेगा, भाजपा उससे बचना चाहती है. जब गिनती ही गलत होगी तो आरक्षण कैसे सही होगा? देश में आरक्षण के साथ महिलाओं को संरक्षण की भी जरूरत है. हम महिला बिल के खिलाफ नहीं थे. 2023 के बिल का हमने समर्थन किया था. अब वह बिल ऐक्ट भी बन गया है. यह संशोधन सिर्फ परिसीमन का था. अभी 543 सांसदों की संख्या पर भी सरकार आरक्षण घोषित कर सकती थी. हम आधी आबादी को हक और सम्मान देने के पक्ष में है, किन्तु उसमें पिछड़ी और अल्पसंख्यक महिलाओं को भी आरक्षण दिया जाए.

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यादव ने कहा कि भाजपा सरकार जातीय जनगणना को टाल रही है. बिना जातीय जनगणना के महिला आरक्षण का कोई फायदा आधी आबादी को मिलने वाला नहीं है. भाजपा आधी आबादी में अविश्वास पैदा करने की साजिश करके दरार पैदा करना चाहती है. समाज को छोटे-छोटे गुटों में बांटकर एक दूसरे को लड़ाने का षडयंत्र कर रही है, ताकि मनमाने तरीके से निर्णय ले सके. भाजपाई सत्ता के लिए इतना नीचे गिर सकते हैं, किसी ने सोचा नहीं था. भाजपा का सीएमएफ (क्रिएट, मिस्ट्रेस् एण्ड फियर) फार्मूला अब पिट चुका हैं. भाजपाइयों का समाज के बीच भय और अविश्वास पैदा करने का सामाजिक षड्यंत्र अब और नहीं चलेगा. उन्होंने कहा कि महिलाओं की एकता में दरार डालकर भाजपा यह बिल लाई है. विपक्ष और महिलाओं की एकजुटता से भाजपा के मंसूबों पर पानी फिर गया है.

अखिलेश यादव ने कहा कि जिस तरह भाजपा इस बिल में और चीजों को छुपाकर ला रही थी, उसका विरोध था. सेंसस चल रहा है. सेंसस पूरा हो जाए, उसके बाद इस बिल को लाते तो शायद इस बिल के पक्ष में सभी होते. उन्होंने कहा कि हम महिला आरक्षण के विरोध में नहीं है. पुख्ता तैयारी हो, जल्दबाजी न हो. आधी आबादी में पिछड़ी, अल्पसंख्यक महिलाओं को भी हक और सम्मान मिले. किसी का भी हक मारा न जाए. महिलाएं स्वास्थ्य, शिक्षा में लूट की वजह से परेशान है. उन्हें अपमानित होना पड़ रहा हैं. पुरानी सोच की महिला भले उनके प्रति उदार हो, नई सोच की महिलाएं भाजपा की चाल में नहीं आएंगी. उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति अभी भी भाजपा की पुरानी सामंती सोच है. उनकी निर्णय लेने की स्वतंत्रता, घूमने फिरने की आजादी, पहनावे को लेकर भी उनकी पुरानी सोच प्रतिबंधित करती है. इस दकियानूसी सोच के प्रदर्शन, हिंसा भी हो जाती है.

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उन्होंने कहा कि भाजपा ने तो ठगना चाहा था. विपक्ष में उन्हें धूल चटा दी. भाजपा ने महिलाओं को बांटने की साजिश की थी.
उनका हक छीनने की छद्म योजना थी, जिनकी अंग्रेजी राज में देश बांटने में भूमिका रही है. वही स्वतंत्रता के बाद अमन चैन बिगाड़ने में लगे है. अपने संगठन में महिलाओं को सम्मान न देने वाले राजनीति में उन्हें क्या स्थान देंगे. भाजपा तो एससी-एसटी का हक मार रही है. भाजपा की गुप्त योजना आरक्षण लूटने की थी. जागरुक सोच वाली कोई भी महिला भाजपा को वोट नहीं देगी.

अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि लोधी समाज के कथावाचक अवधेश चन्द्र लोधी का भी सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि भाजपा राज में पीडीए अपमानित हो रहा है. उन्होंने कहा कि पीडीए समाज के साथ वर्चस्ववादी, सामंती लोग शोषण वादी, सामंती लोग शोषणकारी व्यवहार कर रहे हैं. लखनऊ विकास नगर और गाजियाबाद के इंद्रापुरम में आग भाजपाइयों ने लगवाई है. लखनऊ के तालाबों और सरकारी जमीनों पर सब भाजपाई का कब्जा हो गया है. समाजवादी पार्टी सरकार में सभी के साथ न्याय होगा. सभी पीडीए एकजुट होकर भाजपा सरकार को हटाने के लिए संकल्पित है.