Bihar News: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आज शुक्रवार (14 अगस्त) को पटना पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने तेजस्वी के लोकभवन मार्च और शराबबंदी कानून को लेकर बड़ा बयान दिया। शराबबंदी कानून को लेकर उठ रहे सवालों पर चिराग ने साफ और स्पष्ट शब्दों में कहा कि, जिस उद्देश्य और सोच के साथ बिहार में शराबबंदी कानून को लागू किया गया था। वह उद्देश्य हासिल हुआ या नहीं? इसकी समीक्षा जरूर होनी चाहिए।

शराबबंदी कानून को लेकर सियासत तेज

चिराग ने भले ही खुलकर शराबबंदी को खत्म करने की बात नहीं कही हो, लेकिन उन्होंने इसकी समीक्षा करने की मांग की है। उनके इस बयान को लेकर प्रदेश में अगल ही सियासत देखने को मिल सकती है। गौरतलब है कि हालही में शराबबंदी को लेकर आई नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) की रिपोर्ट को लेकर इन दिनों प्रदेश में शराबबंदी कानून को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है।

‘सरकार को सभी दलों के साथ करनी चाहिए चर्चा’

चिराग पासवान ने कहा कि, शराबबंदी जिस सोच के साथ लागू की गई थी, उस कसौटी पर यह कानून पूरी तरह खरा उतरा है या नहीं, इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उनका कहना है कि इस बात का पता तभी चलेगा, जब इस कानून की समीक्षा की जाएगी की शराबबंदी कितना सफल रहा। अगर इस कानून को लागू करने के बाद भी कहीं कोई कमी रह गई है, तो इसके पीछे क्या वजह हो सकती है? चिराग ने कहा कि, सरकार को इस विषय पर अपने सभी घटक दलों के साथ बैठकर इसपर चर्चा करनी चाहिए। कानून में जहां भी बदलाव की जरूरत महसूस हो, वहां जरूरी संशोधन किया जाना चाहिए।

जहरीली शराब से मौतों पर भी उठाया सवाल

इस दौरान चिराग पासवान ने राज्य में जहरीली शराब से घटने वाली घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, प्रदेश में अक्सर यह देखने व सुनने को मिलता है कि जहरीली शराब का सेवन करने से लोगों की मौत हो गई। उनके आखों की रोशनी चली गई। यह इस बात का भी प्रमाण है कि कहीं न कहीं अभी भी शराब का अवैध कारोबार हो रहा है और लोग जहरीली शराब के शिकार हो रहे हैं, तो इस पूरे सिस्टम पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

मांझी भी शराबबंदी हटाने के पक्ष में

चिराग पासवान का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उनकी पार्टी इस समय बिहार की सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है। सिर्फ चिराग ही नहीं एनडीए के साथी जीतनराम मांझी भी लंबे समय से शराबबंदी कानून को खत्म करने और फिर से शराब चालू करने की वकालत करते आ रहे हैं। हालांकि जदयू और बीजेपी के नेताओं का इस मामले पर साफ स्टैंड है कि राज्य में शराबबंदी लागू रहेगी। इससे कोई छेड़छाड़ नहीं किया जाएगा।

तेजस्वी के लोकभवन मार्च पर कही ये बात

वहीं, 19 अगस्त को तेजस्वी यादव के लोकभवन मार्च पर चिराग पासवान ने कहा कि, जब छात्रों को नेता प्रतिपक्ष की जरूरत थी तब उस समय ये लोग राजनीति कर रहे थे। जब उनकी बातों को सुना जा रहा है तब अपनी राजनीति की रोटियां सेंकने का कोई मतलब नहीं है। आज के समय में युवा पीढ़ी अपने आप में सक्षम है। ये लोग राजनीति की रोटियां सेंक रहे हैं जो कि उचित नहीं है।

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