लखनऊ. जंतर-मंतर अब प्रदर्शन स्थल नहीं रहा. दिल्ली पुलिस ने इसे ‘प्रोटेस्ट साइट’ की सूची से हटा दिया है. जिसके बाद विपक्षी दल सरकार पर और हमलावर हो गया है. जंतर-मंतर को ‘प्रोटेस्ट साइट’ की सूची से हटाए जाने को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि ‘जंतर-मंतर’ को शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित करना भाजपा सरकार की सबसे बड़ी हार है.

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आगे उन्होंने कहा कि शुक्र तो ये मनाइए कि प्रदर्शन करने के लिए ‘किसी भूमिगत’ जगह पर जाने को नहीं कहा गया, जहां भाजपा और उनके अंडरग्राउंड संगी-साथी अपनी ख़ुफ़िया मीटिंग करते हैं. भाजपा बेहद डरी-सहमी हुई है. वो जनाक्रोश से बचने के लिए उन जगहों से जनता को दूर करना चाहती है, जहां सत्ताधीश बैठते हैं.

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आगे अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि अच्छा तो ये होता कि लोकतंत्र में लोक के कल्याण के लिए प्रदर्शन के लिए ‘लोक कल्याण मार्ग’ पर ही कोई जगह दे दी जाए. इससे नामकरण को सही साबित करने का तर्क भी मिल जाएगा. सर्वोच्च सत्ता तक जब बात सीधे पहुंचेगी तो समाधान भी तुंरत निकलेगा.