लखनऊ. सरकार की तरफ से एक दिन लखनऊ के गोमतीनगर स्थित जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को 30 वर्ष के लिए लीज पर दिए जाने को लेकर अखिलेश यादव ने आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि जनसंघ से बीजेपी के स्थापना के समय भारतीय जनता पार्टी ने पं. दयाल उपाध्याय व डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तस्वीर के साथ जय प्रकाश नारायण की तस्वीर लगाई थी. उसमें से जेपी को ही बेच दिया. उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो एक रुपये अधिक ले ले और जेपीएनआइसी दे दे.
इसे भी पढ़ें- पढ़ाई कम, प्रताड़ना ज्यादा! स्कूल में 12वीं के छात्र को नकलची बताकर बेरहमी से पीटा, संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत, कौन है मौत का जिम्मेदार?
अखिलेश यादव ने कहा कि हमने जेपीएनआईसी बनाया, उसको अगर ये चाहते तो पूरा कर देते. उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार काम कर रहा था, उसको पूरा पेमेंट करने के साथ ही यह भी लिखवा लिया कि कहीं कोई मुकदमा नही करेंगे. अगर कोई करप्शन हुआ है तो दस साल क्या कर रहे थे. यह आरोप इसलिए लगा रहे हैं क्योंकि जनता के पैसे से बना है, जिसको ये बेचना चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि किसानों के लिए किसान बाजार बनाया, इन्होंने उसे स्वजातीय को बेच दिया. प्लासियो माल को 428.17 करोड़ में बेच दिया, जबकि जेपीएनआईसी को 831 करोड़ में. इन्होंने जनेश्वर मिश्रा पार्क के अंदर निजी हाथों में एक्टिविटी के लिए दे दी. उन्होंने कहा कि जनता के पैसे का लाभ आखिर सरकार किसे दे रही है. दिल्ली का बड़ा इंजन बड़ा बेच रहा है, छोटा वाला छोटा बेच रहा है.
इसे भी पढ़ें- 200 सीट दें या गठबंधन तोड़ लें..! UP विधानसभा चुनाव से पहले राजभर का तंज, किसकी ओर था इशारा?
अखिलेश यादव ने कहा कि समय आने पर जिन अधिकारियों ने बड़ा घोटाला किया है, जांच कराएंगे. इनमें एक गोरखपुर में सीडीओ भी रहे हैं. उन्होंने कहा कि गरीब का पैसा अमीरों को तिजोरी में जा रहा है. आज एक्सप्रेस वे ढह रहे हैं और बीजेपी अपनी जेब भर रही है. अखिलेश यादव ने कहा कि जिस आर्किटेक्ट को जांच के दायरे में ला रहे थे, इसे ब्लैकलिस्ट करने जा रहे थे. उसे नई दिल्ली में स्टेशन बनाने का काम दे दिया.


