लखनऊ. राजकीय मेडिकल कॉलेजों में SC-ST विद्यार्थियों की विशेष सीट व्यवस्था पर रोक लगाए जाने के बाद MBBS और BDS की प्रथम चरण की काउंसलिंग रद्द कर नए सिरे से शुरू की गई है. जिसे लेकर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण का बयान सामने आया है. उन्होंने योगी सरकार से मांग की है कि अध्यादेश लाकर मेडिकल कॉलेजों में SC-ST विद्यार्थियों की विशेष सीट व्यवस्था को स्थायी कानूनी संरक्षण देना चाहिए.

इसे भी पढ़ें- जिलाधिकारी महोदय हिसाब दें… PM मोदी के जन्मदिन पर जिलाधिकारी कार्यालय में दीए जलवाने को लेकर अखिलेश ने उठाए सवाल, BJP पर साधा निशाना

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अंबेडकरनगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में SC-ST विद्यार्थियों की विशेष सीट व्यवस्था पर 16 सितंबर को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद MBBS और BDS की प्रथम चरण की काउंसलिंग रद्द कर नए सिरे से शुरू की गई है. पहले सीट पा चुके अभ्यर्थियों को भी दोबारा विकल्प भरकर सीट लॉक करनी होगी.

1 सितंबर को इन चारों मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पूर्व की सीट व्यवस्था जारी रखने का उत्तर प्रदेश सरकार का निर्णय विद्यार्थियों के संघर्ष और एकजुटता का परिणाम था. हम पिछले वर्ष से लगातार इस महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाते रहे हैं. इन मेडिकल कॉलेजों की स्थापना में Special Component Plan के तहत प्राप्त धनराशि और SC-ST विद्यार्थियों के लिए निर्धारित विशेष व्यवस्था का उल्लेख स्वयं सरकारी पक्ष ने पूर्व की न्यायिक कार्यवाही में किया था.

इसे भी पढ़ें- लखनऊ में गर्लफ्रेंड से वीडियो कॉल के दौरान कनपटी पर मारी गोली, दोस्तों से बोला- कभी बात नहीं कर पाऊंगा

अब यूपी सरकार को तत्काल अध्यादेश लाकर इन चारों मेडिकल कॉलेजों में SC-ST विद्यार्थियों की विशेष सीट व्यवस्था को स्थायी कानूनी संरक्षण देना चाहिए. केवल शासनादेश के भरोसे इस व्यवस्था को नहीं छोड़ा जा सकता. विद्यार्थियों के भविष्य और उनके शैक्षणिक अधिकारों को अनिश्चितता में नहीं छोड़ा जाना चाहिए. अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे सभी विद्यार्थियों को मेरा पूरा समर्थन है.