लखनऊ. उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम में स्किल डेवलेपमेंट ट्रेनिंग में बड़ी धांधली सामने आई है. जिसे लेकर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि दलित युवाओं के भविष्य के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट! 100 लोगों के बैठने की क्षमता वाले स्थान पर 250 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण देने का दावा और निर्धारित 30% के बजाय 50% अग्रिम भुगतान! दो अधिकारी निलंबित, लेकिन संबंधित निजी संस्था पर कार्रवाई क्यों नहीं?

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आगे उन्होंने कहा कि एक ओर सरकारी नौकरियों में NFS और लेटरल एंट्री के जरिए आरक्षित वर्ग के अवसर छीने जा रहे हैं, तो दूसरी ओर दलित युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं में भ्रष्टाचार के चलते उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है.

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चंद्रशेखर ने ये भी कहा कि आरक्षण में वर्गीकरण के मुद्दे पर बहुजन समाज को गुमराह किया गया, जबकि NFS, लेटरल एंट्री और रोजगार योजनाओं में भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के जरिए बहुजन समाज के हक़-अधिकारों पर चोट की जा रही है. आखिर बहुजन समाज के अधिकारों और दलित युवाओं के भविष्य के साथ कब तक खिलवाड़ होता रहेगा? जवाबदेही तय हो और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो.