देवरिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देवरिया में 305 करोड़ की 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने जेपीएनआईसी (जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर) को लेकर सपा पर बड़े घोटाले और साजिश के आरोप लगाए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेपीएनआईसी की शुरुआती लागत मात्र 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन 864 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी यह अधूरा पड़ा है. इसे पूरा कराने में अब और 150-200 करोड़ रुपये खर्च होने हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी खजाने से सपा की 900-1000 करोड़ रुपये खर्च करने की साजिश थी. जेपीएनआईसी को प्राइवेट कंपनी के जरिए चलाने की योजना थी, जिसमें डिंपल यादव, अखिलेश यादव और धर्मेंद्र यादव शामिल थे. इसका मकसद जेपीएनआईसी की कमाई परिवार तक पहुंचाना था.
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सीएम योगी ने कहा कि सपा ने अपने विचारधारा के मुखिया को भी नहीं छोड़ा. उन्होंने सपा पर लूट-खसोट और डकैतों के गिरोह जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया और बेटी के साथ किए गए व्यवहार का जिक्र किया. फ्री बस यात्रा योजना के शुभारंभ पर सपा नेताओं की प्रतिक्रिया का भी उन्होंने मजाक उड़ाया.
मुख्यमंत्री ने देवरिया के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि यह वही देवरिया है जहां कांग्रेस शासन में विरोध के बावजूद पूज्य राघव बाबा ने रामजन्मभूमि आंदोलन में हिस्सा लिया था और कांग्रेस के तुष्टिकरण का विरोध किया था. आज देवरिया विकास के कीर्तिमान स्थापित कर रहा है.
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2017 से पहले की स्थिति का वर्णन करते हुए योगी ने कहा कि तब राज्य में न सुरक्षा थी, न विकास, न सम्मान, न रोजगार. गरीबों को आवास नहीं था, बिजली और सड़कें नहीं थीं. स्कूल नकल के अड्डे बन गए थे और बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की जर्जर हालत तत्कालीन सरकारों की जर्जरता का प्रमाण थी.
विशेष रूप से इंसेफलाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जुलाई से 15 नवंबर तक देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर और बस्ती में भय और दहशत का माहौल रहता था. हर मां-बाप अपने बच्चों की चिंता में जीते थे. 40 वर्षों में 50,000 से अधिक मासूम बच्चों की मौत हो गई, लेकिन सपा या कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री कभी यहां आकर हाल-चाल नहीं पूछने आए. उन्होंने इसे बीमारी नहीं बल्कि तत्कालीन सरकारों की बीमार मानसिकता बताया.


