लखनऊ. लोकमाता अहिल्याबाई मातृ शक्ति योजना के तहत प्रदेश में अब 60 या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को यूपी रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा करने की सुविधा मिलेगी. महिलाओं को यात्रा के समय बस अपने पास आधार कार्ड और वोटर आईडी रखनी होगी. मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में संपन्न हुई कैबिनेट की बैठक ने इसे मंजूरी दे दी है. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में इसे शामिल किया था. इसके साथ कैबिनेट की बैठक ने कई नए निर्णय लिए हैं.

कैबिनेट की बैठक के बाद लोक भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को इस योजना का शुभारंभ करेंगे. एक अनुमान के मुताबिक प्रतिदिन करीब 88,438 महिला यात्रियों द्वारा इस सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है. इस योजना के तहत निशुल्क यात्रा सुविधा को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को परिवहन निगम की ओर से विशेष स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे. परिवहन मंत्री ने बताया कि इस सुविधा के तहत सरकार पर हर महीने 22.55 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार आएगा.

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425 करोड़ की लागत से खरीदी जाएंगी इलेक्ट्रिक बसें

परिवहन मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बस बेड़े के सुदृढ़ीकरण के लिए 250 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीदी जाएंगी. इसके लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये की प्रावधानित धनराशि को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया है. प्रस्ताव के तहत 50 सीटर 100 बसें और 41 सीटर 150 बसें खरीदी जाएंगी.

हरिद्वार तक विस्तारित होगा गंगा एक्सप्रेसवे

प्रदेश के संसदीय एवं वित्त कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है. प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण 6 लेन में किया जाएगा, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए राज्य सरकार पर संभावित 10,761 करोड़ रुपये का व्यय-भार आएगा. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सीमा से लगे बिजनौर जिले से हरिद्वार जाने के लिए वर्तमान में प्रमुख रूप से एनएच-34 (मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार राष्ट्रीय मार्ग) की सुविधा उपलब्ध है. गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से बिजनौर को हरिद्वार से बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिल सकेगी. 130 किमी के सड़क निर्माण में 30 किमी उत्तराखंड की सीमा में होगा.

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यूपी में होगा 2,606 करोड़ रुपये का नया औद्योगिक निवेश

सुरेश खन्ना ने बताया कि कैबिनेट ने तीन प्रमुख औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है. इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में कुल 2,606.04 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. कैबिनेट की मंजूरी पाने वाली परियोजनाओं में मेसर्स एग्रिस्टो मासा प्राइवेट लिमिटेड की बिजनौर में, मेसर्स कैनपैक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की उन्नाव में और मेसर्स सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड की कानपुर देहात में परियोजना शामिल है. इन परियोजनाओं में एफडीआई-एफसीआई तथा अन्य पात्र श्रेणियों के अंतर्गत नीति आधारित प्रोत्साहन के रूप में लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किया जाएगा.

भरण पोषण न होने की स्थिति में माता-पिता कर सकेंगे बेदखल

सुरेश खन्ना ने बताया कि मंत्रिमंडल ने ‘उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014’ में संशोधन करते हुए नियम 22 में 22क, 22ख और 22ग जोड़ने का निर्णय लिया है. नए प्रावधानों के तहत मां-बाप अपने बच्चों को संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे. इसके लिए बेदखली की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है. यदि किसी भी वरिष्ठ नागरिक की संतान या उनके अन्य आश्रित रिश्तेदार उनका भरण-पोषण नहीं कर रहे हैं और उनके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार कर रहे हैं तो पीड़ित बुजुर्ग उन्हें अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों के अनुसार ऐसे मामलों में जिला मजिस्ट्रेट के पास शिकायत की जा सकेगी और उन्हें इस प्रकार के सभी मामलों की मासिक रिपोर्ट सरकार को देनी होगी. शिकायतों की सुनवाई 30 दिन के अंदर की जाएगी, ताकि बुजुर्गों को न्याय के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े.