लखनऊ. केशव मौर्य ने वामपंथी दलों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक रूप से लोकतंत्र में भरोसा न कर खूनी क्रांति में भरोसा करने व राष्ट्रवाद का मुखर विरोध करने वाले देशद्रोही वामपंथियों का संस्थानों के चरित्र हनन का पुराना इतिहास रहा है. जब ये पराजित होने लगते हैं तो संस्थानों का चरित्र हनन करना इनका प्रमुख हथियार बन जाता है.
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केशव मौर्य ने कहा कि अब ये देश के किसी भी ‘कोने-आंतर’ में सत्ता में नहीं हैं, तब ये रक्तबीज की तरह खूंखार होकर सामने आ रहे हैं. इनका सफाया होगा. आज चुनावी राजनीति में इनका सूपड़ा साफ हो गया है. नक्सलियों का सफाया हो गया है. पशुपति से लेकर तिरुपति तक ‘लाल सलाम’ की हुंकार के स्थान पर अब ‘वंदे मातरम्’ की गूंज ने इनके कानों के पर्दे हिला दिए हैं, इसलिए ये बौखलाहट में देश को किसी भी हालत में अराजक स्थिति में झोंकना चाहते हैं.
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आगे केशव मौर्य ने ये भी कहा कि तथ्य यह है कि मतदाता सूची के शुद्धीकरण के कारण ही केरल में कांग्रेस इन वामपंथी दलों को हरा सकी, क्योंकि वहां इनकी असल ताकत ‘मुर्दा व डुप्लीकेट’ वोट थे. कांग्रेस ने वहां इनका गर्दा उड़ाया, जिसका गुस्सा वामपंथी दल चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर उतार रहे हैं.

