लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी के संस्थापक कांशीराम के पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कांशीराम के संघर्ष, मिशनरी संकल्प और बहुजन समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के उनके योगदान को याद किया.

मायावती ने कहा कि कांशीराम ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आत्मसम्मान और स्वाभिमान के अधूरे कारवां को आगे बढ़ाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया. उनका उद्देश्य दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अन्य वंचित वर्गों को वोट की ताकत के माध्यम से सत्ता में भागीदारी दिलाकर शोषित से शासक वर्ग बनाना था.

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उन्होंने कहा कि कांशीराम के मिशनरी संकल्प का ही परिणाम था कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में उनके नेतृत्व में बसपा की 4 बार सरकार बनी. इन सरकारों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए गए.

मायावती ने महात्मा ज्योतिबा फुले, नारायण गुरु, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित बहुजन समाज के महापुरुषों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके समानता और सामाजिक न्याय के विचारों को जमीन पर उतारने का प्रयास किया गया, ताकि संविधान की मूल भावना को साकार किया जा सके.

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बसपा प्रमुख ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में उनकी सरकारों ने सर्वसमाज के हित में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में काम करते हुए कानून का राज स्थापित करने पर जोर दिया. उन्होंने इन प्रयासों को मान्यवर कांशीराम के विचारों और मिशन के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया.