लखनऊ. योगी सरकार में मंत्री और सुभसपा प्रमुख ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर करारा हमला बोला है. उन्होंने कहा, ए भाई अखिलेश यादव जी, प्रयागराज की इतनी निर्मम घटना सुनकर सच में दिल दहल गया हमारा. बहुत देर तक दिमाग सन्न रह गया. समझ ही नहीं आ रहा था कि कैसे खुद को संभालूं. हमारे लिए ये अपार कष्ट तो था ही, खून भी खौल रहा था. एक ही ओबीसी (तेली) परिवार के तीन बुजुर्गो को दौड़ा-दौड़ा के काटते वक्त हाथ भी नहीं कांपे होंगे क्या हत्यारे के. अमरावती देवी और श्यामलाल 65 साल के थे और 62 साल की बुजुर्ग इंद्रावती थीं. क्या उनका बस यही दोष था कि वे अपने घर की लाडली की शादी एक लफंगे से नहीं करना चाहते थे.
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अखिलेश बाबू, कोई इतना राक्षसी विचार का कैसे हो जाता है? आरोपी आपका अपना स्वजातीय, आपका अपना ‘मजनू’ कार्यकर्ता है न! आपने अपने यादवों को क्या बना दिया है? वैसे खुद भी कभी बुजुर्गों को सम्मान नहीं दिये तो आपके कातिल लोडर क्या देंगे. खैर अब यूपी पुलिस खोज रही है. पुचकार मनी लेकर अपने छातीकूटने वाले दलालों को तैयार कर लीजिएगा. थोड़ी तो शर्म करिए अखिलेश जी. कभी तो मुंह खोल दिया करो आप. क्या यहां भी ”पहिला दावा अहिर” ही करोगे आप…??
‘ट्विटर, एसी और पीसी’ से ‘झूठ की दुकान’ चलाने वाले अखिलेश जी कम से कम संवेदना ही जाहिर कर देते? या यही लिख देते कि हत्यारा कोई भी हो, कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. लिख लो, आप कभी नहीं कह पाओगे. आपको शर्म से गड़ जाना चाहिए कि आपका PDA यानी ‘पीट देगा अहीर’, ‘पीट देगा अल्पसंख्यक’ (सपाई) अब KDA बन गया है, यानी ‘काट देगा अहीर’!
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आपके KDA की एक और खतरनाक पोल खोल रहा हूं, पढ़िए… यूपी पुलिस की जनवरी से अप्रैल 2026 की रिपोर्ट में दलितों, शोषितों के खिलाफ अपराध के मामले में सबसे ज्यादा 2,160 यादव और 1,983 मुस्लिम शामिल हैं. रिपोर्ट अब तक तो आपके पास भी पहुंच ही गई होगी. कल जोनवार और कमिश्नरेटवार आंकड़े जारी करूंगा, पढ़ लीजिएगा.

