लखनऊ. जमीन मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसे लेकर अखिलेश यादव ने तंज कसा था. अब इस मामले में ओपी राजभर ने सपा सुप्रीमो पर करारा तंज कसा है. ओपी राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव जी, माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के संबंध में इतना हल्ला क्यों कर रहे हो? इतना शोर करके छुपाना क्या चाहते हो आप? ऐसा क्यों चाहते हैं कि दुनिया वही देखे जो आप दिखाएं? अब बताता हूं, आपकी पीड़ा क्या है? आप क्यों घबरा गए! कैसे आपके निवेश पर चोट पहुंच गई और क्यों आप बौखला गए? तो पढ़िए!

इसे भी पढ़ें- पुजारी के भेष में ‘दुराचारी’! प्रसाद मांगने पर आपा खो बैठा पंडा, मानसिक विक्षिप्त को लात मारने और घसीटने का VIDEO वायरल

अखिलेश जी! एमपी कैडर के आईएएस भरत यादव जो राज्य सड़क विकास निगम के चेयरमैन हैं, उनसे आपने अपना रिश्ता छिपा लिया. अखिलेश जी भरत यादव आपके “कुबेर” चंद्रपाल यादव के दामाद हैं. चंद्रपाल यादव सपा के कद्दावर नेता और पार्टी कोषाध्यक्ष रहे हैं. उम्मीद है कि आपको याद आ गया होगा.

अखिलेश यादव जी, माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी के नाम पर हुए एक फर्जी खुलासे से आप डर गए? मध्यप्रदेश में हाईवे का रास्ता कहां से जाएगा- यह भरत यादव तय करते हैं या उन्हें इस बात की जानकारी होती है. जो आपके हैं, अपने हैं, खास हैं. इस मामले में अखिलेश जी आपकी तिलमिलाहट बता रही है कि भरत यादव ने आपसे और अपने लोगों से वहां की जमीनों में भारी निवेश करवाया है और जमीन ‘खाने’ के मामले में सैफई परिवार बहुत अनुभवी है. इसे पूरा उत्तर प्रदेश जानता है.

इसे भी पढ़ें- ‘पुष्पा’ बनने चला था! आलू के बोरे में 2 करोड़ 31 लाख की शराब ले जा रहा तस्कर, फिर खाकी ने ऐसे प्लान पर फेरा पानी

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे में सैफई परिवार ने यही किया था. फिरोजाबाद से इटावा तक जमीनें खरीदी गईं और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के रूट को मनमाने तरीके से मोड़ा गया. निजी फायदे के लिए सैफई तक अनावश्यक रूप से रूट का मार्ग घुमाकर एक्सप्रेसवे की दूरी 30 किमी और ज्यादा बढ़ा दी गई. औने-पौने दाम में जमीनों को खरीदकर भारी भरकम मुआवजा वसूला गया.

सपाई लोडरों! गोमती रिवर फ्रंट की रिपोर्ट जारी करने के बाद अखिलेश को डर बैठ गया है कि कहीं मध्य प्रदेश एक्सप्रेसवे रिपोर्ट जारी न हो जाए, जिससे उनका निवेश डूब जाए. जांच एजेंसियों को पता लगाना चाहिए कि मध्यप्रदेश में उत्तरप्रदेश के कौन-कौन से सफेदपोश निवेशक शामिल हैं.