सतीश सिंह, लखनऊ. सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर करारा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यह कुर्मी समाज और उसके शीर्ष नेतृत्व के प्रति अनादर का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है जैसे आपके लिए नायक होने की पहली शर्त है, यादव होना. कुर्मी या गैर यादव ओबीसी एवं दलित नायकों को आप नायक नहीं मानते. उनके प्रति इनके हृदय में कोई सम्मान नहीं बल्कि घृणा का भाव है.
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ओपी राजभर ने कहा कि 2 जुलाई को सामाजिक न्याय के प्रखर पुरोधा और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती थी, लेकिन अखिलेश यादव की ओर से उनके सम्मान में कोई सार्वजनिक संदेश जारी नहीं किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी गैर-यादव पिछड़े वर्गों के नेताओं और उनके महापुरुषों को अपेक्षित सम्मान नहीं देती है.
आगे उन्होंने कहा, डॉ. सोनेलाल पटेल की बेटी और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने एक जुलाई को अखिलेश यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थीं, लेकिन इसके बावजूद उनकी ओर से डॉ. पटेल के प्रति सम्मान व्यक्त नहीं किया गया. उन्होंने इसे राजनीतिक शुचिता और मर्यादा के विपरीत बताया.
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ओम प्रकाश राजभर ने आगे कहा कि डॉ. सोनेलाल पटेल सामाजिक न्याय की लड़ाई के बड़े नेताओं में से एक थे और उनका सम्मान सभी राजनीतिक दलों को करना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि कुर्मी समाज इस बात को गंभीरता से ले रहा है और इसे अपने सम्मान से जोड़कर देख रहा है.
ओपी राजभर ने पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में गैर-यादव पिछड़े नेताओं की उपेक्षा का इतिहास रहा है. राजभर ने कहा कि बहुजन समाज के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई उनकी पार्टी निरंतर लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी.

