लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 3 से 5 जुलाई तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026 का आयोजन किया जाएगा. महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे. गुरुवार को यह जानकारी प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने एक प्रेस वार्ता में दी है.
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि इस वर्ष महोत्सव में सात श्रेणियों और 56 वर्गों में करीब 800 से अधिक आम की प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों और बागवानों की मेहनत को सम्मान देने और प्रदेश की आधुनिक फसलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने का प्रभावी मंच है.
आम उत्पादन में यूपी पहले स्थान पर
मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश आम उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है. प्रदेश के 3.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगभग 61.96 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन होता है, जो देश के कुल उत्पादन का करीब 26.22 प्रतिशत है. प्रदेश के दशहरी, लंगड़ा, चौसा, गौरजीत, लखनऊ सफेदा, रटौल और आम्रपाली जैसी किस्में देश-दुनिया में लोकप्रिय हैं. मंत्री ने एपीडा (एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि आम और फल निर्यात के क्षेत्र में प्रदेश ने प्रगति की है. वर्ष 2024-25 में जहां 2.63 करोड़ रुपये मूल्य के 404 मीट्रिक टन आम एवं फल निर्यात हुए थे, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 12.67 करोड़ रुपये मूल्य के 3,563 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है.
इन देशों को होती है सप्लाई
उत्तर प्रदेश का आम यूनाइटेड किंगडम, यूरोप, सऊदी अरब, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर और रूस सहित कई देशों में निर्यात किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी और अमरोहा में आधुनिक मैंगो पैक हाउस स्थापित किए गए हैं, जहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आम की प्री-प्रोसेसिंग और उपचार किया जा रहा है. इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट के निकट फल परीक्षण एवं ट्रीटमेंट सेंटर का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे निर्यात को और गति मिलेगी.
पहली बार जनभवन में होगा क्रेता-विक्रेता सम्मेलन
दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि पहली बार 4 जुलाई को जन भवन, लखनऊ में आम क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन भी किया जाएगा. महोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के उद्यान विभागों के प्रतिनिधि, प्रगतिशील बागवान और निर्यातक भी भाग लेंगे.

