लखनऊ. प्रदेश में मौसमी फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में इलाज और जरूरी चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं. उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने फ्लू-बुखार के मरीजों के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाने के निर्देश दिए हैं.
शनिवार को डिप्टी सीएम ने प्रदेशभर के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्थिति की समीक्षा की और अस्पतालों में ओसेल्टामिविर (टैमीफ्लू), ऑक्सीजन, नेबुलाइजर, ऑक्सीजन मास्क और ब्रोंकोडायलेटर्स का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए.
इसे भी पढ़ें- इस सरकार में 650 Mg की तीन बार गोली…योगी सरकार पर अखिलेश यादव का हमला, जानिए आखिर ऐसा क्या कहा?
अधिक मामले वाले जिलों में अलग से संचालित होगी ओपीडी
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि जिन जिलों में फ्लू के मामले अधिक हैं, वहां श्वसन संबंधी शिकायत वाले मरीजों के लिए अलग ओपीडी संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं. इससे मरीजों की जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार को सुगम बनाने के साथ अस्पतालों में भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.
डिप्टी सीएम ने की होप सेंटर से ऑनलाइन मॉनिटरिंग
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ के कैसरबाग स्थित स्वास्थ्य भवन में स्थापित केंद्रीय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर होप (हेल्थ ऑनलाइन पैरामीटर इवैल्यूएशन) पहुंचकर प्रदेश के अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की. उन्होंने चिकित्साधिकारियों से अस्पतालों में दवा, ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता की जानकारी ली और किसी भी कमी को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए.
इसे भी पढ़ें- किसके पेट में उठ रहा दर्द?’ अखिलेश यादव के एक बयान और मेगा जॉइनिंग से गरमाई यूपी की सियासत
नेपाल सीमा से लगे जिलों में विशेष सतर्कता
उन्होंने नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं. स्वास्थ्य विभाग को इन क्षेत्रों में फ्लू एवं बुखार के मामलों की प्रभावी निगरानी करने को कहा गया है. साथ ही नेपाल अथवा उत्तर प्रदेश से आने वाले प्रत्येक मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सहायता और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.


