अयोध्या. राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने डीएसपी अयोध्या को पत्र लिखकर सनसनी फैला दी है. उन्होंने विभिन्न राजनीतिक नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों के बयानों को जांच का हिस्सा बनाने की मांग की है. सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट एक पत्र में आलोक कुमार ने कहा है कि कई प्रमुख नेताओं ने मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर इस मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और बड़ी धनराशि के गबन की बात कही है. ऐसे में निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए उनके बयान दर्ज किए जाने चाहिए.

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पत्र में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, राज्यसभा सांसद संजय सिंह तथा कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के सार्वजनिक बयानों का उल्लेख किया गया है. इन नेताओं ने अलग-अलग अवसरों पर राम मंदिर के चढ़ावे और उससे जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर सवाल उठाए थे. आलोक कुमार ने अपने पत्र में कहा है कि यदि इन व्यक्तियों के पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई तथ्य, दस्तावेज या अन्य साक्ष्य हैं, तो उन्हें जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए, जिससे सच्चाई सामने लाने में सहायता मिल सके.

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उन्होने यह भी लिखा है कि यदि जांच के दौरान यह पाया जाता है कि गंभीर आरोप बिना किसी तथ्यात्मक आधार या साक्ष्य के लगाए गए हैं, तो कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है. उनके अनुसार, किसी को भी ऐसे आरोप लगाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जिनसे समाज में वैमनस्य या भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो.