नगीना. सांसद चंदशेखर आजाद रावण ने चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील क्षेत्र के भरदुआ और विशेश्वरपुर गांव में ग्रामीणों और पुलिस-प्रशासन के बीच हुए विवाद को लेकर सिस्टम पर गंभीर सवाल किए हैं. उनका कहना है कि पुलिस ने भाजपा नेता का इशारे में गोंड-मांझी समुदाय के लोगों और महिलाओं के साथ बर्बरता की है. उन्होंने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश के जिला चंदौली के नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत विशेषरपुर नई बस्ती भरदुआ में लगभग 50 वर्षों से निवास कर रहे अनुसूचित जनजाति के गोंड-मांझी समुदाय के लोगों के साथ हुई कार्रवाई बेहद गंभीर और चिंताजनक है.

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आगे नगीना सांसद ने कहा, पीड़ितों का कहना है कि 19 अगस्त को, स्थानीय भाजपा नेता के दबाव में प्रशासन ने उनकी खेती की भूमि पर खड़ी मिर्च और अन्य फसलों को ट्रैक्टर से नष्ट कर दिया, धान की रोपाई बर्बाद कर दी और खेतों में बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए. उनका आरोप है कि उक्त नेता के दबाव में इन परिवारों को पहले भी कई बार परेशान किया गया है.

उन्होंने ये भी कहा कि पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया. महिलाओं को बाल पकड़कर घसीटा गया. ग्रामीणों पर मुकदमे दर्ज कर कुछ लोगों को जेल भेजा गया है. लगातार पुलिस दबिश से गांव में भय का माहौल है और कई परिवार घर छोड़ने को मजबूर बताए जा रहे हैं. गांव का मुख्य रास्ता भी खराब कर दिया गया, जिससे लोगों को पानी भरी मेड़ से आवागमन करना पड़ रहा है.

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नगीना सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, आदिवासी परिवारों और उनकी जमीन व फसल पर इस तरह की कार्रवाई वनाधिकार अधिनियम, 2006 का गंभीर उल्लंघन है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. यूपी सरकार तत्काल पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराए, महिलाओं और ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार के दोषियों पर कार्रवाई करे, नष्ट फसलों का उचित मुआवजा दे, मुकदमों की समीक्षा करे और वनाधिकार अधिनियम के तहत आदिवासी परिवारों के अधिकार सुनिश्चित करे.