Business Desk – Upcoming IPO September 2026 : IPO बाजार में अगले हफ्ते एक बड़ा इश्यू खुलने जा रहा है। LCC Projects Limited IPO 9 सितंबर 2026 को खुलेगा। कंपनी इस इश्यू के जरिए 427.14 करोड़ रुपए जुटाएगी। खास बात यह है कि IPO खुलने से पहले ही शेयर ग्रे मार्केट में प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है।

5 सितंबर की सुबह 7:35 बजे तक इसका GMP 17 रुपए बताया गया है। अपर प्राइस बैंड 146 रुपए को आधार मानें तो अनुमानित लिस्टिंग करीब 163 रुपए हो सकती है। यानी मौजूदा GMP के हिसाब से करीब 11.64% की संभावित बढ़त का संकेत मिल रहा है। हालांकि GMP सिर्फ एक अनौपचारिक संकेत है, इसकी कोई गारंटी नहीं होती।

427 करोड़ रुपए का है इश्यू

LCC Projects का यह IPO कुल 427.14 करोड़ रुपए का है। इसमें 1.77 करोड़ नए शेयर जारी कर कंपनी 258 करोड़ रुपए जुटाएगी। वहीं, 1.16 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए बेचे जाएंगे, जिनकी कीमत 169.14 करोड़ रुपए है।

कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 139 से 146 रुपए तय किया है। IPO का लॉट साइज 102 शेयर है। यानी ऊपरी प्राइस बैंड पर रिटेल निवेशक को एक लॉट के लिए 14,892 रुपए लगाने होंगे।

9 सितंबर को खुलेगा IPO

LCC Projects IPO में 9 सितंबर से 11 सितंबर 2026 तक निवेश किया जा सकेगा। शेयरों का अलॉटमेंट 15 सितंबर को होने की उम्मीद है। वहीं, NSE और BSE पर कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 17 सितंबर को संभावित है। इस इश्यू के लिए मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लीड मैनेजर और केफिन टेक्नोलॉजीज रजिस्ट्रार है।

GMP से कितने मुनाफे का संकेत?

5 सितंबर सुबह 7:35 बजे तक GMP 17 रुपए है। इसे 146 रुपए के अपर प्राइस बैंड में जोड़ने पर अनुमानित लिस्टिंग कीमत 163 रुपए बैठती है। यानी IPO के ऊपरी भाव से करीब 17 रुपए या 11.64% की संभावित बढ़त का संकेत है।

लेकिन यहां निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। GMP ग्रे मार्केट का अनौपचारिक आंकड़ा है और लिस्टिंग तक इसमें बदलाव हो सकता है। इसलिए सिर्फ GMP देखकर IPO में पैसा लगाने का फैसला नहीं करना चाहिए।

क्या काम करती है कंपनी?

LCC Projects की शुरुआत 2017 में हुई थी। कंपनी इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण यानी EPC क्षेत्र में काम करती है। इसका मुख्य कारोबार सिंचाई और जल आपूर्ति से जुड़े प्रोजेक्ट्स का है।

कंपनी बांध, बैराज, नहर, जल आपूर्ति योजना, पाइप वितरण नेटवर्क और लिफ्ट सिंचाई जैसे प्रोजेक्ट पर काम करती है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास कुल 103 प्रोजेक्ट का ऑर्डर बुक था।

इनमें सोंडवा लिफ्ट माइक्रो इरिगेशन प्रोजेक्ट, सीधी बाणसागर मल्टी-विलेज स्कीम और गांधी सागर-1 मल्टी-विलेज स्कीम प्रमुख हैं। कंपनी तवा लेफ्ट बैंक कैनाल, पार्वती डैम, दुधई सब-ब्रांच कैनाल और अकोट लिफ्ट इरिगेशन जैसे प्रोजेक्ट भी पूरा कर चुकी है।

8 से बढ़कर 12 राज्यों में कारोबार

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का कारोबार 8 राज्यों से बढ़कर 12 राज्यों तक पहुंच गया। 31 मार्च 2026 तक कंपनी गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, झारखंड, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में काम कर रही थी।

कमाई में भी बढ़ोतरी

कंपनी की कुल आय वित्त वर्ष 2025 के 2,941.01 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 3,639.45 करोड़ रुपए हो गई। यानी करीब 24% की बढ़ोतरी हुई। इसी दौरान कंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा यानी PAT 223.63 करोड़ से बढ़कर 286.44 करोड़ रुपए हो गया। इसमें करीब 28% की वृद्धि हुई।

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की EBITDA 519.90 करोड़ रुपए, नेटवर्थ 888.41 करोड़ रुपए, रिजर्व और सरप्लस 752.41 करोड़ रुपए और कुल उधारी 860.65 करोड़ रुपए रही। कंपनी की कुल संपत्ति 2,447.54 करोड़ रुपए थी।

IPO से मिले पैसे का क्या करेगी कंपनी?

कंपनी IPO से मिले पैसों में से करीब 14.69 करोड़ रुपए उपकरण खरीदने पर खर्च करेगी। मौजूदा कर्ज के पूरे या आंशिक भुगतान के लिए 180 करोड़ रुपए रखे गए हैं। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों में इस्तेमाल की जाएगी।