गुलशन कुमार, नांगल चौधरी। महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी क्षेत्र में प्रस्तावित उपमंडल कार्यालय निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गांव लुजोता के ग्रामीणों ने सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण के विरोध में प्रदर्शन करते हुए प्रशासन पर पुश्तैनी और उपजाऊ जमीन जबरन लेने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना मुआवजे के जमीन छीनी जा रही है, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने कही ये बात
ग्रामीणों ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि यह जमीन उनके पूर्वजों के समय से उनके परिवारों के पास है और खेती ही उनकी रोजी-रोटी का मुख्य साधन है। ग्राम पंचायत लुजोता के सरपंच प्रतिनिधि सतवीर ने बताया कि गांव की कुल 204 किला जमीन में से 150 किला जमीन पहले ही लोगों को मिल चुकी है, लेकिन 54 किला जमीन को लेकर विवाद बना हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस जमीन पर लघु सचिवालय, कोर्ट और रेस्ट हाउस बनाने के लिए दबाव बना रही है, जबकि यह जमीन करीब 14 परिवारों की पुश्तैनी संपत्ति है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि प्रशासन किसी प्रकार का मुआवजा देने को तैयार नहीं है।
डीसी तथा एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
ग्रामीण बंशी नंबरदार ने बताया कि वर्ष 1987 में सरकार ने यह जमीन किसानों को देने का निर्णय लिया था। उस समय 85 लोगों को जमीन मिल गई, लेकिन 14 परिवार अब भी इससे वंचित हैं। उन्होंने बताया कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है और इस संबंध में डीसी तथा एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है।
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाई जाए और प्रभावित परिवारों को न्याय दिया जाए।
ग्रामीणों की मांग और आपत्तियों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है
वहीं पूरे मामले पर डीआरओ राकेश कुमार ने कहा कि ग्रामीणों की मांग और आपत्तियों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है। कानून के अनुसार जो भी उचित कार्रवाई होगी, उससे ग्रामीणों को अवगत कराया जाएगा।
नांगल चौधरी में उपमंडल कार्यालय बनने का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है। हाल ही में जिला उपायुक्त अनुपम अंजलि के दौरे के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की चर्चाएं तेज थीं, लेकिन अब ग्रामीणों के विरोध के चलते एक बार फिर परियोजना पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

