Business Desk- US-Adani Deal News : अडानी ग्रुप की कई कंपनियों जिनमें इसकी मुख्य कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, साथ ही अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अडानी पावर लिमिटेड शामिल हैं। इनके शेयर मंगलवार, 19 मई को निवेशकों के बीच चर्चा का मुख्य विषय रहने की उम्मीद है।

इसका एक मुख्य कारण यह है कि अडानी ग्रुप ने एक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए यह खुलासा किया है कि उसने अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है।

खबरों के मुताबिक, यह मामला ईरान से जुड़ी LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) से जुड़े लेन-देन से संबंधित था। कंपनी के अनुसार, उसने जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दिया। अपनी पहल पर स्वेच्छा से काफी जानकारी साझा की, जिससे अंततः इस समझौते का रास्ता साफ हुआ। इस खबर के सामने आने के बाद, बाजार में अडानी ग्रुप के शेयरों को लेकर फिर से हलचल देखने को मिल सकती है।

मामला $275 मिलियन में सुलझा

अडानी एंटरप्राइजेज ने बताया कि इस नए समझौते को OFAC द्वारा 18 मई, 2026 को जारी एक ‘एनफोर्समेंट रिलीज़’ के माध्यम से सार्वजनिक किया गया। कंपनी के अनुसार, इस समझौते की शर्तों के तहत उसे समझौते की राशि के रूप में OFAC को $275 मिलियन का भुगतान करना होगा।

हालांकि यह आंकड़ा काफी बड़ा माना जाता है, लेकिन कंपनी ने यह भी बताया कि यह राशि अधिकतम वैधानिक जुर्माने से काफी कम है, जो $384.20 मिलियन तक पहुंच सकता था।

कंपनी ने कम जुर्माने के कारण बताए

कंपनी ने बताया कि जुर्माने की राशि कम होने का एक मुख्य कारण यह था कि पिछले पांच वर्षों के दौरान, OFAC ने कंपनी के खिलाफ कोई भी जुर्माने का नोटिस या “उल्लंघन के निष्कर्ष” (Findings of Violation) जारी नहीं किए थे। कंपनी का दावा है कि उसने पूरी पारदर्शिता बरती और जांच एजेंसी के साथ लगातार सहयोग बनाए रखा, जिसके परिणामस्वरूप अंतिम समझौते में उसे अधिक अनुकूल परिणाम प्राप्त हुआ।

मामला LPG आयात से जुड़ा

यह पूरा मामला नवंबर 2023 और जून 2025 के बीच किए गए LPG आयात के इर्द-गिर्द घूमता था। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना था कि क्या मध्य पूर्व से जुड़े कुछ लेन-देन और कथित तौर पर ईरान से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखलाएं अमेरिकी प्रतिबंध नियमों के दायरे में आते थे। कंपनी ने साफ़ किया कि उसका LPG बिजनेस अभी शुरुआती दौर में है। वित्त वर्ष 2025 में उसकी कुल कंसोलिडेटेड कमाई में इसका हिस्सा 1.5 प्रतिशत से भी कम था।

गौतम अडानी और सागर अडानी पर सिविल पेनल्टी

पिछले हफ्ते, अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने यह भी बताया कि कंपनी खुद इस कानूनी कार्रवाई का हिस्सा नहीं है, और उस पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। हालांकि, गौतम अडानी और सागर अडानी ने SEC की सिविल शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में एक अंतिम फैसले पर सहमति जताई है। इस शर्त पर कि वे न तो आरोपों को स्वीकार करेंगे और न ही उन्हें नकारेंगे।

इस व्यवस्था के तहत, गौतम अडानी $6 मिलियन की सिविल पेनल्टी देंगे। सागर अडानी $12 मिलियन देंगे। इस घटनाक्रम के बाद, अब बाज़ार का ध्यान इस बात पर होगा कि आने वाले दिनों में अडानी ग्रुप के शेयर बाजार के प्रदर्शन पर इसका कितना असर पड़ेगा।