गयाजी। बिहार की राजनीति में एक बार फिर से जातिगत वर्चस्व और राजनीतिक बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। गया जिले में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) की विधायक ज्योति मांझी के काफिले पर हुए हमले को लेकर बिहार सरकार के मंत्री और जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव पर सीधा हमला बोला है। संतोष सुमन ने सोशल मीडिया के जरिए चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार में अब किसी खास जाति की दबंगई का दौर पूरी तरह खत्म हो चुका है और दलित समाज अब किसी से डरने वाला नहीं है।

संतोष सुमन की दो टूक: ‘दबंगई का दौर अब खत्म हो चुका है’
घटना के अगले दिन सोमवार को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के आधिकारिक फेसबुक पेज पर संतोष सुमन ने एक कड़क पोस्ट साझा की। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को संबोधित करते हुए लिखा, तेजस्वी जी, अपने समर्थकों को मर्यादा में रखिए। बिहार अब बदल चुका है। यहां किसी खास जाति की गुंडागर्दी और दबंगई का जमाना लद चुका है। आज समाज का हर वर्ग बराबरी, सम्मान और अपने अधिकारों के साथ जीना चाहता है।
संतोष सुमन ने आगे चेतावनी भरे लहजे में कहा कि दलित समाज अब चुपचाप जुल्म सहने वाला नहीं है, बल्कि वह अपने स्वाभिमान की रक्षा करना अच्छी तरह जानता है। अगर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के किसी भी कार्यकर्ता या सिपाही को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया, तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से उसी की भाषा में करारा जवाब दिया जाएगा।
रास्ते के विवाद में विधायक के काफिले पर हमला और बदसलूकी
यह पूरा विवाद रविवार को गया जिले के मोहनपुर प्रखंड में तब शुरू हुआ, जब बाराचट्टी से ‘हम’ विधायक ज्योति मांझी (जो जीतन राम मांझी की समधन भी हैं) गंभीरा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। गंभीरा जाने वाला मुख्य मार्ग काफी संकरा और कच्चा है। इसी दौरान विधायक की गाड़ी के सामने सवारियों से भरी एक बोलेरो आकर खड़ी हो गई।
रास्ता संकरा होने के कारण दोनों गाड़ियों के ड्राइवरों के बीच गाड़ी साइड करने को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते बोलेरो में सवार युवक अपना आपा खो बैठे। उन्होंने न सिर्फ विधायक के सुरक्षा गार्ड और उनके बेटे रूपम के साथ मारपीट और हाथापाई शुरू कर दी, बल्कि विधायक ज्योति मांझी के साथ भी बेहद अभद्र व्यवहार किया।
गाड़ी से उतारने की कोशिश और थाने में प्राथमिकी दर्ज
आरोप है कि बोलेरो सवार युवकों ने विधायक को जातिसूचक गालियां दीं और उन्हें जबरन गाड़ी से नीचे उतारने का प्रयास किया। गनीमत रही कि शोर सुनकर गंभीरा गांव के स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया और विधायक ज्योति मांझी को सुरक्षित वहां से निकाला।
इस हिंसक घटना के बाद विधायक ज्योति मांझी ने लाडू गांव के आरोपी युवकों के खिलाफ मोहनपुर थाने में जानलेवा हमला करने, मारपीट और अनुसूचित जाति-जनजाति (SC/ST) एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने बिहार की सियासत में एक नया उबाल ला दिया है।

