US Journalist Asra Nomani Warned India On Islamist and Leftist Networks: भारत इस्लामी और वामपंथी नेटवर्क के टारगेट में है। आने वाले दिनों में इस्लामी और वामपंथी नेटवर्क भारत में बड़ा आंदोलन कर सकते हैं। दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) जैसे समूह शामिल रहे हैं। ये दोनों वामपंथी नेटवर्क का मोहरा हैं। साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी को भी प्रदर्शन के लिए बाहरी फंड मिल सकता हैं। ये चेतावनी अमेरिकी पत्रकार अस्रा नोमानी ने दी है।
दरअसल फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट ने फ्रांस में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े 50 संगठनों की पहचान की है। जिनमें लेबर यूनियन, कम्युनिस्ट, समाजवादी संगठन और राजनीतिक पार्टियां शामिल हैं। रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और विदेशी फंडिंग के आरोप लगाए गए हैं, जो इन प्रदर्शनों को बढ़ावा दे रहे हैं. भारत में हो रहे प्रदर्शनों से भी इनका संबंध बताया गया है। ये रिपोर्ट मोदी सरकार की आंखें खोलने और झटका देने वाली है।
इसपर अमेरिकी पत्रकार अस्रा नोमानी ने कम्युनिस्ट और सामाजिक संगठनों के कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने फ्रांस में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों और भारत में हो रहे प्रदर्शनों के बीच संबंध का दावा किया है। नोमानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि जिन घटनाओं को लेकर उन्होंने पहले “NEXT: INDIA” यानी ‘अगला टारगेट: भारत’ कहकर आगाह किया था, वे अब हो रही हैं। उन्होंने अपनी फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट भी साझा की। इसमें आरोप लगाया गया है कि कुछ विचारधारा से जुड़े लोग व्यापक कम्युनिस्ट एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए छात्र आंदोलनों का इस्तेमाल करते हैं।
अमेरिकी मूल कारोबारी नेविल रॉय सिंघम फंड दे रहा
अपनी पोस्ट में नोमानी ने शंघाई में रहने वाले अमेरिकी मूल के कारोबारी नेविल रॉय सिंघम का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंघम से जुड़े लाखों डॉलर का इस्तेमाल भारत में प्रोपेगैंडा और प्रभाव बढ़ाने वाले अभियानों के लिए किया गया है। नोमानी ने विजय प्रसाद को सिंघम का करीबी बौद्धिक सहयोगी और आयोजक बताया है। इससे पहले की एक रिपोर्ट में फ्रांस में छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों और उन्हें कथित अंतरराष्ट्रीय समर्थन देने वाले नेटवर्क से जुड़े 50 संगठनों की पहचान किए जाने का भी दावा किया है।
भारत के इन संगठनों का जिक्र
नोमानी में दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन का भी जिक्र किया है। इन प्रदर्शनों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) जैसे समूह शामिल रहे हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में कॉकरोच जनता पार्टी का भी जिक्र किया. नोमानी ने भारत में कम्युनिस्ट विचारधारा से जुड़े लोगों से ऐसे संगठनों और व्यक्तियों के बारे में जानकारी साझा करने को कहा है। उन्हें आशंका है कि ये नेविल रॉय सिंघम के नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर विजय प्रसाद का नाम लेते हुए कहा कि उनकी जांच-पड़ताल की जानी चाहिए।
हरीश साल्वे ने जताई थी विदेशी फंडिंग की आशंका
भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने सोमवार को कहा था कि देश में चल रहे आंदोलन की फंडिंग विदेशों से हो रही है और इसके पीछे विदेशी ताकतें हैं। उन्होंने कहा कि भारत में बांग्लादेश और नेपाल जैसा माहौल बनाने की कोशिश हो रही है। लंदन में हरीश साल्वे ने कहा कि ये प्रयास बाहर से फंडेड है, मैं तो आरोप लगा रहा हूं कि ये बाहर से फंडेड है, ये बाहर से मोटिवेटेड है।
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