Veer Guardian 2026: भारत और जापान के बीच जोधपुर में चल रहे द्विपक्षीय हवाई अभ्यास Veer Guardian 2026 में एक खास पल तब आया, जब जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JASDF) के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल टेकहीरो मोरिटा ने भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान LCA तेजस में उड़ान भरी। उड़ान के बाद जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि भारतीय धरती पर जापानी फाइटर जेट्स की तैनाती और युद्धाभ्यास करना लंबे समय से जापानी वायुसेना का सपना था, जो अब जोधपुर में पूरा हुआ है।

जनरल टेकहीरो मोरिटा ने मेक इन इंडिया अभियान की सराहना करते हुए तेजस को भारत की तकनीकी क्षमता और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी नवाचार का बड़ा प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि तेजस में उड़ान भरना उनके लिए बेहद खास और अविस्मरणीय अनुभव रहा।

तेजस की उड़ान में याद आए वैज्ञानिक और इंजीनियर

तेजस के कॉकपिट से जोधपुर के आसमान में उड़ान भरने के अनुभव को साझा करते हुए जापानी वायुसेना प्रमुख ने कहा कि उस दौरान उन्हें उन वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और सैन्य अधिकारियों की मेहनत याद आ रही थी, जिन्होंने इस विमान के विकास में योगदान दिया।

उनके मुताबिक, यह उड़ान सिर्फ एक सैन्य अनुभव नहीं थी। यह भारत और जापान की वायुसेनाओं के बीच वर्षों में विकसित हुए भरोसे, दोस्ती और साझेदारी को भी दर्शाती है।

मेक इन इंडिया की तारीफ, भारतीय ट्रेनिंग माहौल से भी प्रभावित

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनरल मोरिटा ने भारतीय रक्षा उद्योग की स्वदेशी क्षमता की भी प्रशंसा की। उन्होंने तेजस को भारत की तकनीकी प्रगति का ऐसा उदाहरण बताया, जो देश की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को दुनिया के सामने दिखाता है।

उन्होंने कहा कि उड़ान के दौरान वह उन उद्योग जगत के लोगों और सैन्य अधिकारियों के प्रयासों के बारे में सोच रहे थे, जिनकी मेहनत से तेजस परियोजना सफल हुई।

जापानी चीफ ने जोधपुर में भारतीय वायुसेना के ट्रेनिंग माहौल की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यहां उपलब्ध प्रशिक्षण व्यवस्था से जापानी वायुसेना को काफी कुछ सीखने का अवसर मिल रहा है।

2018 में शुरू हुआ सफर, अब जोधपुर में पूरा हुआ सपना

भारत-जापान रक्षा सहयोग के संदर्भ में जनरल मोरिटा ने साल 2018 को भी याद किया। उन्होंने बताया कि राजस्थान की धरती पर ही दोनों देशों के बीच शिन्यू मैत्री नाम से पहला द्विपक्षीय अभ्यास आयोजित हुआ था।

इसके बाद तीन साल पहले भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पहली बार जापान की यात्रा की थी। उसी समय से जापानी वायुसेना की इच्छा थी कि उसके फाइटर जेट्स भी भारत आएं और भारतीय वायुसेना के साथ अभ्यास करें।

Veer Guardian 2026 इस लिहाज से खास है, क्योंकि यह पहला मौका है जब जापानी वायुसेना के फाइटर जेट्स भारतीय जमीन पर तैनात होकर ऑपरेशनल हवाई अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं।

इंडो-पैसिफिक में सहयोग का संदेश

भारत और जापान के बीच बढ़ता रक्षा सहयोग इस अभ्यास के जरिए एक और स्तर पर दिखाई दे रहा है। जनरल मोरिटा ने कहा कि इस तरह के जटिल और उन्नत हवाई अभ्यास दोनों देशों के पायलटों के बीच आपसी समझ, विश्वास और व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करते हैं।

उनके अनुसार, Veer Guardian 2026 ने भारत-जापान रक्षा सहयोग को नया आयाम दिया है। उन्होंने जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर मिले स्वागत, राजस्थानी आतिथ्य और भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह के व्यक्तिगत जुड़ाव के लिए भी आभार जताया।

जोधपुर में साथ दिखे तेजस, राफेल और F-2A

वीर गार्जियन 2026 के दौरान जोधपुर का आसमान भारत और जापान की हवाई ताकत के साझा अभ्यास का गवाह बन रहा है। अभ्यास में जापान के F-2A फाइटर जेट्स और भारतीय वायुसेना के राफेल, सुखोई-30MKI और तेजस विमान हिस्सा ले रहे हैं।

पढ़ें ये खबरें