Kuchera Chairman Election 2026: कुचेरा नगर पालिका चेयरमैन चुनाव से ठीक एक दिन पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व पालिका अध्यक्ष तेजपाल मिर्धा को अंतरिम राहत दी है। हाईकोर्ट ने एसीबी की ओर से दर्ज एफआईआर के मामले में अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई अब 5 अक्टूबर को होगी।

छुट्टी के दिन हुई विशेष सुनवाई में न्यायाधीश कुलदीप माथुर की विशेष बेंच ने मामले पर सुनवाई की। कोर्ट ने मिर्धा को याचिका में जरूरी संशोधन करने की स्वतंत्रता भी दी है और राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है।

डोटासरा बोले, सच का रास्ता नहीं रोक सकतीं साजिशें

हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि साजिशें चाहे कितनी भी हों, सच का रास्ता नहीं रोक सकतीं। डोटासरा ने कुचेरा में कांग्रेस के चेयरमैन प्रत्याशी तेजपाल मिर्धा को मिली राहत को न्याय पर भरोसा मजबूत करने वाला बताया।

18 सितंबर की रात दर्ज हुई थी FIR

मिर्धा की ओर से पेश वकील रामावतार चौधरी और सुमेर सिंह गौर ने कोर्ट में उनका पक्ष रखा। याचिका के मुताबिक, तेजपाल मिर्धा 14 सितंबर को वार्ड 21 से निर्वाचित हुए थे और 16 सितंबर को कुचेरा पालिका अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया था।

याचिका में कहा गया कि 18 सितंबर नाम वापसी की अंतिम तारीख थी और इसी दिन रात करीब 11.58 बजे उनके खिलाफ एसीबी ने एफआईआर दर्ज की। मिर्धा ने आशंका जताई थी कि यदि उन्हें गिरफ्तार किया गया तो वह चेयरमैन चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे।

2018 की शिकायत पर करीब आठ साल बाद FIR

मिर्धा की ओर से कोर्ट में बताया गया कि वह 2015 से 2018 तक कुचेरा नगर पालिका अध्यक्ष रहे थे। वार्ड 3 के सदस्य शैतानराम टाक ने 4 मई 2018 को एसीबी में शिकायत दी थी। इसमें तत्कालीन अध्यक्ष पर अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत कर कार्यादेश जारी करने तथा वित्तीय, तकनीकी और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे।

कोर्ट के सामने यह भी रखा गया कि शिकायत के बाद जांच लंबे समय तक लंबित रही और मिर्धा के वार्ड सदस्य चुने जाने तथा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद 18 सितंबर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत मंजूरी दी गई। कोर्ट ने इस स्तर पर इस देरी का संतोषजनक स्पष्टीकरण सामने नहीं आने की बात कही।

राज्य ने गिरफ्तारी पर रोक का किया विरोध

राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने गिरफ्तारी पर रोक का विरोध किया। उनका कहना था कि एफआईआर में संज्ञेय अपराध सामने आते हैं और मिर्धा ने एफआईआर रद्द करने की मांग नहीं की है। उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तारी से बचने के लिए सक्षम आपराधिक अदालत से अग्रिम जमानत लेने का विकल्प उपलब्ध है।

महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि एफआईआर अचानक दर्ज नहीं हुई। उनके अनुसार, 2015 से 2018 के कार्यकाल से जुड़ी अनियमितताओं की विभिन्न स्तरों पर जांच चल रही थी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसीबी के पुलिस महानिरीक्षक ने 24 अगस्त को स्वायत्त शासन विभाग के सचिव से धारा 17-ए के तहत मंजूरी मांगी थी। सचिव ने 18 सितंबर को मंजूरी दी।

कोर्ट ने अंतिम राय नहीं दी

हाईकोर्ट ने इस स्तर पर मामले में कोई अंतिम राय व्यक्त नहीं की। कोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के इस चरण में एफआईआर दर्ज होने से कोई गैरकानूनी हस्तक्षेप हुआ या यह वैधानिक शक्तियों का सामान्य इस्तेमाल था, इस पर विस्तृत जवाब मिलने के बाद विचार किया जाएगा। राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का समय दिया गया है।

21 सितंबर को होगा कुचेरा चेयरमैन का चुनाव

हाईकोर्ट की सुनवाई के बीच कुचेरा नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को चुनाव होना है। मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पुलिस प्रशासन ने चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी है। मूंडवा वृताधिकारी धरम पूनियां के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात रहेगा। मतदान केंद्र के आसपास करीब 200 मीटर के दायरे में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी और शहर के पांच प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही नियंत्रित की जाएगी।

कुचेरा थानाधिकारी हबीब खां ने लोगों से चुनाव को लेकर अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने की अपील की है। मतदान और मतगणना के दौरान आसपास के क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी भी की जाएगी।

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