सोनू वर्मा नूंह। जिले की मंडी में विजिलेंस टीम ने रिश्वतखोरी के आरोपों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। इस दौरान मंडी सुपरवाइजर वेदपाल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया, जबकि मंडी सचिव मनोज कुमार मौके से फरार हो गया।
यह कार्रवाई गांव सालाहेड़ी निवासी एक शिकायतकर्ता की शिकायत पर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि लाइसेंस जारी करने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की गई थी। बाद में सचिव के निर्देश पर 15,600 रुपये मंडी सुपरवाइजर को दिए गए।

सुपरवाइजर विजिलेंस टीम को देखकर पहली मंजिल से कूदा
विजिलेंस टीम के पहुंचते ही मंडी कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। गिरफ्तारी से बचने के प्रयास में आरोपी सुपरवाइजर ने भागने की कोशिश की और पहली मंजिल से कूद गया, लेकिन टीम ने उसे तुरंत काबू कर लिया। मौके से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई।


फरार सचिव की तलाश के लिए छापेमारी जारी
इस कार्रवाई का नेतृत्व ड्यूटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार ने किया। वहीं फरार सचिव की तलाश के लिए टीम लगातार छापेमारी कर रही है।मामले में मंडी सचिव की भूमिका को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंडी में बिना पैसे कोई काम नहीं होता था। एक सफाई कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उसकी मासिक वेतन से भी अवैध कटौती की जाती थी।


इसके अलावा गेट पास जारी करने में अनियमितता, आढ़तियों से अवैध वसूली और मजदूरों के भुगतान में गड़बड़ी जैसे आरोप भी सामने आए हैं। कार्रवाई के दौरान सचिव अपनी गाड़ी छोड़कर फरार हो गया, जिसे कब्जे में लेकर जांच जारी है।