विश्व रिकॉर्डधारी पहलवान बिजेंद्र सिंह भिवानी में 'अढ़ाई कोसी' उल्टे कदम चलकर नशा मुक्ति का संदेश दे रहे हैं। बुधवार को यात्रा के छठे दिन उन्होंने युवाओं को नशे के प्रति सचेत किया।

अजय सैनी, भिवानी। जिले में ‘स्टील मैन’ के नाम से विख्यात और विश्व रिकॉर्डधारी पहलवान बिजेंद्र सिंह इन दिनों अपनी अद्वितीय शारीरिक क्षमता का उपयोग समाज को जागरूक करने के लिए कर रहे हैं। अखिल भारतीय युवा जनकल्याण संगठन के अध्यक्ष पहलवान बिजेंद्र सिंह की ‘अढ़ाई कोसी’ उल्टे कदम नशा मुक्त जागरूकता यात्रा बुधवार को अपने छठे दिन में प्रवेश कर गई। हाथ में तिरंगा और गले में नशा मुक्ति के नारों की पट्टियां लटकाए बिजेंद्र सिंह का यह अनोखा अंदाज शहर के हर चौक-चौराहे पर चर्चा का विषय बना हुआ है। यात्रा के छठे दिन उन्होंने बस स्टैंड और शहर के मुख्य मार्गों पर रुककर युवाओं से सीधा संवाद किया और उन्हें नशे जैसी कुरीति से दूर रहने की प्रेरणा दी।

उल्टे कदमों के पीछे का गहरा दर्शन

पहलवान बिजेंद्र सिंह ने अपनी इस अनूठी यात्रा के पीछे के गहरे संदेश को समझाते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपनी गौरवशाली संस्कृति और सात्विक खान-पान को भूलकर पाश्चात्य चकाचौंध और नशे के अंधेरे में खोती जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उल्टा चलना महज एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक प्रतीकात्मक संदेश है कि हमें अपनी जड़ों, अपनी मिट्टी और अपनी पुरानी सेहतमंद संस्कृति की ओर वापस लौटना होगा। बिजेंद्र सिंह ने युवाओं को सचेत करते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के शरीर को नष्ट करता है, बल्कि पूरे परिवार और राष्ट्र की नींव को खोखला कर देता है। उनका लक्ष्य युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से इतना सशक्त बनाना है कि वे राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।

सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान

गौरतलब है कि पहलवान बिजेंद्र सिंह अपनी अद्वितीय शारीरिक क्षमता के लिए वैश्विक स्तर पर जाने जाते हैं। उन्होंने अपनी ताकत के दम पर कई विश्व रिकॉर्ड स्थापित किए हैं और हाल ही में अपने 100 शक्ति प्रदर्शन पूर्ण किए थे। उनकी यह यात्रा उसी सेवा भाव का विस्तार है, जहां वे अपनी शारीरिक शक्ति को अब सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एक हथियार के रूप में उपयोग कर रहे हैं। यात्रा के दौरान लोगों का भारी उत्साह देखने को मिल रहा है; जहां बुजुर्ग उन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं, वहीं युवा उनके साथ नशा न करने की शपथ ले रहे हैं। बिजेंद्र सिंह का मानना है कि यदि युवा खेल और व्यायाम से जुड़ जाए, तो नशे जैसी बुराई स्वयं ही समाप्त हो जाएगी।