भागलपुर का बहुचर्चित विक्रमशिला सेतु स्थायी मरम्मत कार्य के कारण आगामी 1 अक्टूबर से पूरी तरह बंद किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समीक्षा बैठक के दौरान बेली ब्रिज को हटाकर जनवरी तक पुल के सभी निर्माण कार्यों को मुकम्मल करने का निर्देश दिया है। वर्तमान में बेली ब्रिज के माध्यम से सीमित आवागमन की सुविधा मिल रही है, लेकिन इसे स्थायी समाधान नहीं माना जा रहा है।
निर्माण कार्य और समय-सीमा
गंगा नदी का जलस्तर कम होते ही 1 अक्टूबर से बेली ब्रिज को हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो जाएगा। इस दौरान मुख्य पुल पर वाहनों और आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। मरम्मत के लिए आवश्यक अधिकांश निर्माण सामग्री पंजाब और हरियाणा से भागलपुर पहुंच चुकी है। पहले इस स्थायी निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य 30 नवंबर तक निर्धारित किया गया था, जिसे अब संशोधित कर जनवरी तक कर दिया गया है। इस अवधि में टूटे हुए हिस्से की मरम्मत और अन्य तकनीकी कार्य संपन्न किए जाएंगे।
वैकल्पिक व्यवस्था
सेतु के बंद होने से भागलपुर और नवगछिया के बीच संपर्क बनाए रखने के लिए प्रशासन ने नदी परिवहन का विकल्प तैयार किया है। इसके तहत:
- जहाजों का संचालन: अब तक 7 यात्री जहाजों के संचालन के लिए आवेदन मिल चुके हैं, जबकि मालवाहक जहाजों के लिए प्रक्रिया जारी है।
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम: यात्रियों की सुरक्षा के लिए जहाजों पर गोताखोर, लाइफ जैकेट और सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी।
- प्रशासनिक बैठक: 20 सितंबर के बाद होने वाली जिला बैठक में वैकल्पिक परिवहन को अंतिम रूप दिया जाएगा।
- ओवरलोडिंग पर रोक: बाबूपुर और हाई लेवल घाट पर विशेष अभियान चलाकर ओवरलोड ट्रकों के आवागमन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
टोल कलेक्शन में भारी गिरावट
पुल बंद होने और बाढ़ की वजह से एनएचएआई के बायपास टोल प्लाजा के राजस्व पर गहरा असर पड़ा है। सेतु बंदी के कारण टोल कलेक्शन में 79.2 प्रतिशत और बाढ़ के चलते अतिरिक्त 38.46 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस आर्थिक स्थिति को देखते हुए एनएचएआई ने टोल एजेंसी की दैनिक देय राशि को 6.25 लाख रुपए से घटाकर 1.30 लाख रुपए कर दिया है। इसके बावजूद एजेंसी को प्रतिदिन मात्र 80 हजार रुपए तक का ही राजस्व प्राप्त हो रहा है।
प्रशासनिक चुनौतियां और निष्कर्ष
जून माह में क्षतिग्रस्त हिस्से के विकल्प के रूप में बेली ब्रिज तैयार किया गया था। अब इस अस्थायी व्यवस्था को हटाकर स्थायी पुल निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। आगामी महीनों में प्रशासन के लिए मुख्य चुनौती समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना और त्योहारों के सीजन में भागलपुर-नवगछिया के बीच सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन सुनिश्चित करना होगी।



