हांसी, नवीन शर्मा. हांसी में हाल ही में 25 अवैध ट्यूबवेलों पर कार्रवाई कर सुर्खियों में आए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कार्यकारी अभियंता विनोद वर्मा पर हरियाणा सरकार ने उन्हें बिना टेंडर 8 करोड़ रुपये की पाइपलाइन परियोजना का काम करवाने के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। इस फैसले के विरोध में अब नहरी विभागीय कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है।
आपको बता दे कि हरियाणा सरकार ने 23 जुलाई 2026 को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया। इनमें आदमपुर डिवीजन के कार्यकारी अभियंता विनोद कुमार वर्मा, एसओ अक्षय और एसई विमल कुमार शामिल हैं। आरोप है कि बिना टेंडर करीब 8 करोड़ रुपये की पाइपलाइन परियोजना का कार्य कराया गया। विनोद वर्मा आदमपुर के साथ-साथ हांसी डिवीजन का भी अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे थे। हाल ही में उन्होंने हांसी में अवैध रूप से लगाए गए 25 ट्यूबवेलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर बड़ी कार्रवाई की थी, जिससे वह चर्चा में आए थे।
अब उनके निलंबन के बाद सिंचाई विभाग कर्मचारी यूनियन उनके समर्थन में उतर आई है। हांसी जिला प्रधान अशोक यादव ने कहा कि कार्यकारी अभियंता ने कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। कई महीनों से लंबित मेडिकल क्लेम की प्रक्रिया आगे बढ़ी और वेतन संबंधी मुद्दों पर भी उन्होंने आवाज उठाई। विनोद कुमार निर्दोष है। उनको बेजवाह फंसाया जा रहा है।
यूनियन का कहना है कि यदि मंगलवार तक सरकार ने मामले का समाधान नहीं किया तो पूरे हरियाणा की सिंचाई विभाग यूनियनों और जिला प्रधानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि जो अधिकारी उनके हकों की लड़ाई लड़ रहा था, उसके खिलाफ हुई कार्रवाई का वे विरोध करेंगे।
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