० 603 ग्रामीण योजनाएं शामिल, हर घर तक सुरक्षित पेयजल और बेहतर सीवरेज व्यवस्था पर सरकार का फोकस

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में जलापूर्ति, सीवरेज और बरसाती जल निकासी व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। वर्ष 2026-27 के लिए 2,534.39 करोड़ रुपये की लागत वाली 712 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें 603 परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी हैं।

इन योजनाओं के माध्यम से शहरी और ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने, सीवरेज नेटवर्क का विस्तार करने, जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि हरियाणा जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (WSSB) की 59वीं बैठक में इन परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना और आधुनिक सीवरेज व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

69 शहरी जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी

तेजी से विकसित हो रहे शहरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 603.32 करोड़ रुपये की लागत से 69 शहरी जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनसे बहादुरगढ़, धारूहेड़ा, झज्जर, नारनौल, रेवाड़ी और कुरुक्षेत्र सहित कई शहरों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश

मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने, विभागीय परिसरों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और जल शुल्क संग्रहण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने 31 मार्च 2027 तक शहरी जल कनेक्शन कवरेज को 90 प्रतिशत से बढ़ाकर 93 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

18 नई शहरी सीवरेज परियोजनाएं भी स्वीकृत

सरकार ने 526.49 करोड़ रुपये की लागत से 18 शहरी सीवरेज परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इनका लाभ बहादुरगढ़, झज्जर, नारनौल, रेवाड़ी, कुरुक्षेत्र, जगाधरी और रोहतक को मिलेगा।

वहीं ऐलनाबाद और बवानीखेड़ा में जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए 19.11 करोड़ रुपये की लागत से दो बरसाती जल निकासी परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे बड़ा निवेश

ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने 1,108.28 करोड़ रुपये की लागत से 603 नई जलापूर्ति संवर्धन एवं सुधार योजनाओं को स्वीकृति दी है।

इन योजनाओं के तहत:

0 नए नलकूप स्थापित किए जाएंगे।
0 नहर आधारित जलघरों का निर्माण और उन्नयन होगा।
0 नए बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
0 नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
0 पुरानी पाइपलाइन बदली जाएगी।

इन कार्यों से गांवों में पेयजल की गुणवत्ता और उपलब्धता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।

ग्रामीण सीवरेज पर भी विशेष फोकस

ग्रामीण सीवरेज व्यवस्था के विस्तार के लिए 203.58 करोड़ रुपये की लागत से 13 महाग्राम सीवरेज परियोजनाएं तथा 71.58 करोड़ रुपये की लागत से तीन महाग्राम जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें उजीना, बबैन, रामशरण माजरा, उमरी और टिकली समूह के गांव प्रमुख हैं। इसके अलावा ग्रामीण बस्तियों में पेयजल आपूर्ति से जुड़े दो अन्य कार्यों के लिए भी अलग से बजट स्वीकृत किया गया है।