इमरान खान, खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी और सोशल मीडिया की सुर्खियों में छा गया है। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक उर्फ ‘मुल्लू’ राठौर द्वारा कलेक्टर जनसुनवाई में किया गया एक अनोखा प्रदर्शन शहरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

कुत्ते का मुखौटा पहनकर जनसुनवाई में पहुंचा युवक

दरअसल मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर एक युवक को कुत्ते का मुखौटा पहनाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अनोखे अंदाज में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों की नसबंदी (स्टरलाइजेशन) पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद सड़कों पर कुत्तों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है और आम जनता डॉग बाइट का शिकार हो रही है।

‘डॉगेश जनता पार्टी’ का पोस्टर हुआ वायरल

इस प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर ‘डॉगेश भाई’ का नाम तेजी से वायरल होने लगा है। यूजर तरह-तरह के मीम्स और पोस्टर शेयर कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर “भौंकेंगे नहीं, हिसाब मांगेंगे!” जैसे नारों के साथ पोस्टर तैर रहे हैं, जिनमें नसबंदी अभियान पर खर्च हुए करीब ₹40 लाख का हिसाब मांगा जा रहा है। व्यंग्य के जरिए आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान और भ्रष्टाचार की जांच की मांग उठाई जा रही है।

कलेक्टर और निगम आयुक्त ने आरोपों को बताया निराधार

प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि पब्लिसिटी के लिए इस तरह के स्टंट करना सही नहीं है। वहीं नगर निगम आयुक्त प्रियंका सिंह राजावत ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए आंकड़े जारी किए। निगम आयुक्त के अनुसार, वर्ष 2022 से अब तक कुल 9,391 श्वानों (कुत्तों) का बंध्याकरण किया गया है और रिकॉर्ड के मुताबिक इस प्रक्रिया में किसी भी कुत्ते की मृत्यु दर्ज नहीं हुई है। इसलिए भ्रष्टाचार के सारे आरोप बेबुनियाद हैं।

प्रशासन के दावों के बावजूद ‘डॉगेश भाई’ का यह मुद्दा सोशल मीडिया पर गरमाया हुआ है और जनता अब भी यही सवाल पूछ रही है कि सड़कों पर आवारा कुत्तों के आतंक से राहत कब मिलेगी।

ऋषव गुप्ता _कलेक्टर खंडवा
प्रियंका सिंह राजवत_ नगर निगम आयुक्त खंडवा

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