फतेहाबाद। जिले में गेहूं खरीद की व्यवस्था तकनीकी खामियों के कारण पूरी तरह चरमरा गई है। मंडी के पोर्टल और सर्वर में लगातार आ रही दिक्कतों की वजह से समय पर गेट पास जारी नहीं हो रहे हैं। हालात यह हैं कि अनाज मंडियों में गेहूं के ढेर लगे हैं और किसान रातें मंडियों में बिताने को मजबूर हैं। आढ़तियों का कहना है कि सर्वर डाउन होने से उठान का काम लगभग रुक गया है।

उठान की सुस्त रफ्तार

जिले में अब तक कुल 3 लाख 31 हजार 410 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है, लेकिन इसमें से केवल 60 हजार 943 मीट्रिक टन का ही उठान हुआ है। उठान का यह आंकड़ा कुल खरीद का मात्र 19 फीसदी है। उठान न होने के कारण मंडियों में भंडारण की जगह भी खत्म होती जा रही है। ट्रकों के गेट पास कटने में दो-दो दिन का समय लग रहा है, जिससे गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।

नेताओं के दौरों से समाधान नहीं

सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के कई बड़े नेता लगातार मंडियों का दौरा कर फोटो खिंचवा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर समाधान नहीं निकल रहा है। आढ़ती एसोसिएशन के मुताबिक नेताओं को फोटो खिंचवाने की बजाय सरकार से पोर्टल की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग करनी चाहिए। वर्तमान में प्रतिदिन होने वाला उठान सामान्य के मुकाबले 20 फीसदी से भी नीचे गिर गया है।

मुख्य मांग

फतेहाबाद अनाज मंडी व्यापार मंडल ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि गेट पास और पोर्टल की जटिल प्रक्रिया को तुरंत बदला जाए। जब तक लिफ्टिंग की रफ्तार नहीं बढ़ेगी, तब तक मंडियों में जाम की स्थिति बनी रहेगी और किसानों की परेशानी कम नहीं होगी।