Dharm Desk – शादी जिंदगी का एक बहुत बड़ा फैसला है। इसलिए शादी की तारीख पक्की करने से पहले केवल शुभ दिन देखना ही पर्याप्त नहीं होता। ज्योतिष और विवाह संस्कार से जुड़े नियमों में कुछ ऐसी स्थितियों का जिक्र मिलता है जिनमें शादी को टालने की सलाह दी जाती है, हालांकि इनमें से कई बातें कुंडली और पंचांग देखकर ही साफ होती हैं, इसलिए आम इंसान को खुद से जटिल गणना करने की जरूरत नहीं है। विवाह तय करते समय पंडित या ज्योतिषी से इन बातों की जांच जरूर करानी चाहिए।

देखें विवाह का समय शुभ है या नहीं
- बृहस्पति और शुक्र को शादी के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। जब ये दोनों ग्रह अस्त अवस्था में हों या इनके बालत्व-वृद्धत्व दोष की स्थिति चल रही हो तब शादी करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसी तरह मलमास, देवशयन काल और होलिका अष्टक जैसे समय में भी सामान्य रूप से शादियां नहीं कि जाती। हालांकि कुछ विशेष अबूझ मुहूर्त अलग हो सकते हैं।
- सूर्य के तुला राशि में रहने के समय भी शादी को टालने की बात कही गई है। इसलिए शादी की तारीख तय करने से पहले पंचांग देखकर शुभ मुहूर्त जरूर निकलवाना चाहिए।
लड़का लड़की की कुंडली में इन बातों की जरूर जांच कराएं
- कुंडली मिलान में केवल गुण कितने मिले इतना देखना ही उचित नहीं माना जाता। 18 से कम गुण मिलने पर शादी से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा नाड़ी दोष, भकूट दोष, गण दोष, नवम-पंचम, द्वि द्वादश और वैर-योनि जैसे दोष भी देखे जाते हैं।
- कुंडली मिलाते समय यह देखा जाता है कि लड़का और लड़की की राशि नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति एक-दूसरे के लिए कितनी अनुकूल है। कई बार कुंडली में कोई दोष दिखाई देता है। लेकिन राशि की आपसी मित्रता या अन्य ग्रह स्थिति के कारण उसका असर खत्म भी माना जाता है। इसलिए केवल किसी एक दोष को देखकर शादी का फैसला नहीं करना चाहिए।
- इसी तरह लड़का और लड़की का एक ही गोत्र होना भी शादी के मामले में जांच का विषय माना जाता है,अगर परिवार में लगातार दो शादियां करने से पहले भी ध्यान रखे।
- अगर परिवार में पुत्र और पुत्री दोनों शादी योग्य हों तो परंपरा में पहले बेटी की शादी और उसके बाद बेटे की शादी करने की बात कही गई है।
मांगलिक दोष है महत्वपूर्ण
अगर लड़का या लड़की में से केवल एक मांगलिक हो और दूसरे में मंगल दोष न हो तो कुंडली में उसके परिहार की स्थिति जरूर देखी जाती है। यदि दोष का कोई समाधान या परिहार नहीं बन रहा हो तो शादी से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से कुंडली की पूरी जांच कराना बेहतर माना जाता है।

