प्रेग्नेंसी हर महिला के जीवन का एक बेहद खास और संवेदनशील दौर होता है। इस दौरान गर्भ में पल रहे शिशु के स्वस्थ विकास के साथ-साथ मां की सेहत का भी विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि के अलावा सुबह की हल्की धूप भी इस समय फायदेमंद मानी जाती है। हालांकि कई महिलाओं के मन में यह सवाल रहता है कि क्या प्रेग्नेंसी के दौरान धूप में बैठना सुरक्षित है? सही समय और सीमित अवधि तक सुबह की धूप लेना अधिकांश गर्भवती महिलाओं के लिए लाभकारी हो सकता है, लेकिन कुछ स्थितियों में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है।आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

क्यों फायदेमंद है सुबह की धूप?

सुबह की हल्की धूप शरीर में विटामिन D बनने में मदद करती है। विटामिन D कैल्शियम के अवशोषण के लिए जरूरी होता है, जिससे मां की हड्डियां मजबूत रहती हैं और गर्भ में पल रहे शिशु की हड्डियों और दांतों के विकास में भी सहायता मिलती है। अगर शरीर में विटामिन D की कमी हो जाए तो गर्भावस्था के दौरान हड्डियों में कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द और कुछ मामलों में गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।

इसके अलावा सुबह की धूप शरीर की जैविक घड़ी (बॉडी क्लॉक) को संतुलित रखने में मदद करती है। इससे नींद बेहतर हो सकती है और मूड भी अच्छा रहता है। प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले तनाव, बेचैनी और थकान को कम करने में भी सुबह की धूप कुछ हद तक सहायक मानी जाती है।

धूप लेने का सही समय क्या है?

सुबह 7 से 9 बजे के बीच की हल्की धूप सबसे उपयुक्त मानी जाती है। इस समय 10 से 20 मिनट तक खुली हवा में बैठना या हल्की वॉक करना पर्याप्त हो सकता है। हालांकि यह समय मौसम, स्थान और त्वचा के रंग के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है। तेज धूप या दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में रहने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर का तापमान बढ़ सकता है और डिहाइड्रेशन का खतरा भी हो सकता है।

किन बातों का रखें ध्यान?

धूप में जाते समय शरीर को पर्याप्त पानी मिलता रहे, इसका ध्यान रखें। अगर धूप तेज लगने लगे या चक्कर, कमजोरी या अधिक गर्मी महसूस हो तो तुरंत छांव में आ जाएं। ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें और जरूरत हो तो सिर को टोपी या दुपट्टे से ढकें। अगर लंबे समय तक बाहर रहना हो तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार त्वचा की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

किन महिलाओं को पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?

अगर गर्भावस्था हाई-रिस्क है, बार-बार ब्लड प्रेशर बढ़ता है, त्वचा से जुड़ी कोई गंभीर समस्या है या डॉक्टर ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, तो सुबह की धूप को नियमित दिनचर्या में शामिल करने से पहले चिकित्सकीय सलाह जरूर लें। साथ ही यदि डॉक्टर ने विटामिन D की दवा या सप्लीमेंट लिखे हैं, तो केवल धूप के भरोसे उन्हें बंद नहीं करना चाहिए।

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