दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा पुलिस ने दो साल पहले लापता हुई रामदई कश्यप के कंकाल को बरामद कर उसके अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। रामदई की हत्या सुपारी देकर कराई गई थी। हत्या की ये सुपारी किसी और ने नहीं बल्कि उसके प्रेमी पाण्डू करटम की पत्नी कमली करटम ने दी थी। यह पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, दो साल पहले रामदई कश्यप नाम की महिला अचानक गायब हो गई थी। खोजबीन के बाद भी वह नहीं मिली और फिर कुछ समय बाद मामला ठंडा हो गया, लेकिन दो साल बाद जब दंतेवाड़ा पुलिस ने पुराने मामलों की फाइलें दोबारा खोलीं, तब कॉल डिटेल्स में एक नाम बार-बार सामने आने लगा और वो था पाण्डू करटम।
कैसे रची हत्या की साजिश ?
जांच में खुलासा हुआ कि रामदई और पाण्डू के बीच नजदीकियां थीं। यह बात पाण्डू की पत्नी कमली करटम को नागवार गुजरती थी। इसी के चलते उसने हत्या की साजिश रची। कमली ने अपने रिश्तेदार हुंगाराम उर्फ बुटू करटम को पैसे देकर हत्या की सुपारी दी। योजना बेहद शातिर थी। पहले उसने अपने पति की पहली पत्नी की बेटी लक्ष्मी को दंतेवाड़ा भेजा, ताकि रामदई की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
कैसे लगाया शव को ठिकाने ?
देर रात हुंगाराम घर में घुसा और सो रही रामदई का मुंह के साथ गला भी दबा दिया, जिससे उसकी कुछ ही मिनटों में मौत हो गईं। इसके बाद आधी रात शव को सफेद प्लास्टिक की बोरी में भरा गया और फिर पिकअप वाहन से उसे गांव तोयलंका ले जाया गया। गांव के पीछे बहने वाले नाले के किनारे गड्ढा खोदा गया और रामदई के शव को वहां गाड़ दिया।
पुलिस ने दो आरोपी को किया गिरफ्तार
दो साल बाद पुलिस उसी नाले तक पहुंची और दंडाधिकारी, फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में खुदाई शुरू हुई। खुदाई के दौरान मिट्टी के नीचे से सफेद प्लास्टिक की बोरी दिखाई दी, जिसके अंदर से मानव कंकाल बरामद हुआ। ये कंकाल किसी और की नहीं बल्कि रामदई की थी। अब पुलिस ने कमली करटम और लक्ष्मी नाग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल बाकी आरोपियों की भूमिका को लेकर पूछताछ जारी है।
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