ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने हाल ही में ‘समीक्ष्य’ पोर्टल की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य राज्य वित्त आयोग (SFC) और केंद्रीय वित्त आयोग (CFC) अनुदानों के तहत वित्तपोषित परियोजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी सुनिश्चित करना है। यह डिजिटल मंच राज्य में जमीनी स्तर पर सेवा वितरण की गुणवत्ता को सुधारने, पारदर्शिता बढ़ाने और विकास कार्यों में नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
‘समीक्ष्य’ पोर्टल की सहायता से आम नागरिक, जनप्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी राज्य भर में चल रही उन परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति को ट्रैक कर सकेंगे, जिन्हें SFC और CFC अनुदानों से वित्त पोषित किया गया है। इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, पार्क और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का विकास शामिल है।
यह पोर्टल समय पर कार्यान्वयन, लागत की अतिरेक से बचाव और स्थानीय ढांचे की गुणवत्ता में सुधार को लक्ष्य करता है।
इस पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह परियोजना की जानकारी को सार्वजनिक रूप से सुलभ बनाता है। इससे नागरिक अपने क्षेत्र में चल रहे कार्यों की निगरानी कर सकेंगे और यह आंकलन कर सकेंगे कि कार्य निर्धारित समय-सीमा और योजना के अनुसार हो रहा है या नहीं।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस प्रयास से विभागीय समन्वय बेहतर होगा, जनता में विश्वास बढ़ेगा और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि विकास निधि का उचित और प्रभावी उपयोग हो।
‘समीक्ष्य’ पोर्टल की पहल ओडिशा के छठे राज्य वित्त आयोग (SFC) की सिफारिशों के अनुरूप है, जिसकी अध्यक्षता अरुण कुमार पांडा ने की थी। आयोग ने स्थानीय निकायों को सूत्र-आधारित और पूर्वानुमेय वित्तीय हस्तांतरण की सिफारिश की थी, जिसमें क्षेत्रीय असमानताओं और शहरी–ग्रामीण आवश्यकताओं को ध्यान में रखा गया था।

राज्यपाल हरि बाबू कम्भम्पति द्वारा गठित इस आयोग को राज्य के कर और गैर-कर राजस्व को पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के बीच वितरित करने के सिद्धांतों की सिफारिश करने का दायित्व सौंपा गया था।
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