धनेश ,रेवाड़ी। रेवाड़ी शहर के बावल रोड स्थित गली नंबर 8 के लोगों, खासकर महिलाओं ने भीषण गर्मी के दौरान सीवरेज ओवरफ्लो और सड़क पर गंदे पानी के भराव से बढ़ती परेशानी के खिलाफ आंदोलन कर दिया। उन्होंने मुख्य रेवाड़ी‑बावल रोड पर बड़े‑बड़े टायर और लकड़ियां रखकर यातायात जाम कर दिया, जिसके चलते तीन घंटे से अधिक समय तक यातायात बाधित रहा और हाई वोल्टेज ड्रामा जारी रहा।
जाम की वजह – सीवरेज ओवरफ्लो और गंदे पानी का भराव
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस गली‑मोहल्ले में सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या लगातार बनी हुई है, जिसकी वजह से गंदा पानी सड़क पर भरा रहता है। इस गंदे पानी के भराव की वजह से रोजाना लोग फिसल कर जख्मी हो रहे हैं और हादसों का डर बना हुआ है। लोगों ने पुलिस को दी जानकारी में बताया कि गंदे पानी के कारण मलेरिया और डेंगू जैसे मच्छर भी पनप रहे हैं, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।
जाम लगाने पर पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
जाम लगने की सूचना मिलते ही मॉडल टाउन थाना प्रभारी रतनलाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दो बार रोड खुलवाने की कोशिश की, लेकिन लोग मानने से इनकार कर दिए। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अधिकारियों को आधे घंटे में मौके पर पहुंचने कहा गया था, लेकिन करीब 2 घंटे तक कोई विभागीय अधिकारी नजर नहीं आया।
सूचना उपायुक्त अभिषेक मीणा तक पहुंची तो उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत करने के निर्देश दिए, लेकिन जब अधिकारी देर से पहुंचे, तो नाराज लोगों ने दूसरी बार फिर से जाम लगा दिया। तीन घंटे से अधिक समय तक यह आंदोलन जारी रहा, जिस दौरान 44 डिग्री तापमान में न तो लोगों का रुका हुआ पसीना सूख रहा था और न ही राहगीरों का मानसिक तनाव घट रहा था।

गुस्साई महिलाएं, पुलिस–मीडिया को लताड़ा
जाम के दौरान गुस्साई महिलाओं ने पुलिस और मीडिया को भी लताड़ते हुए अपनी बात रखी। एक महिला ने बताया कि इसी कॉलोनी में उसकी बुआ रहती हैं और गंदे पानी की समस्या के चलते वह अपनी रिश्तेदारी में जाना तक छोड़ चुकी हैं। लोगों का आरोप है कि उन्होंने जिला प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें भेजीं, साथ ही डीसी अभिषेक मीणा से समाधान शिविर में भी इस समस्या की गुहार लगाई, जिस पर बीडीपीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए गए, लेकिन 7 दिन बाद भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे आखिरकार रोड जाम लगाना पड़ा।
जेसीबी नाला खोलिए और खर्च प्रशासन वहन करेगा
जाम लगाने के बाद 112 नंबर ईवीआर, जनस्वास्थ्य विभाग के एक एसडीओ और डीडीपीओ एचपी बंसल भी मौके पर पहुंचे। काफी समझाई‑बुझाई के बावजूद महिलाएं नहीं मानीं, तब अंत में अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को यह अनुमति दी कि जेसीबी मशीन से नाला खोलवाकर सीवरेज का पानी निकाला जा सकता है और इस काम का सारा खर्च प्रशासन वहन करेगा। यह आश्वासन मिलते ही जाम हटाया गया और जेसीबी मशीन की मदद से सीवरेज नाला खोलकर गंदा पानी निकालना शुरू कर दिया गया।

लोगों की शिकायत और आम जन की परेशानी
ग्रामीण धर्मेंद्र ने बताया कि कई दिनों से लगातार सीवरेज ओवरफ्लो और गंदे पानी का भराव उन्हें झेलना पड़ रहा है और इसके खिलाफ बार‑बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन समस्या का समाधान न होने के कारण आज यातायात जाम करना पड़ा। एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा कि उन्होंने डीसी और अधिकारियों के चक्कर काटे, लेकिन उनकी फरियाद नहीं सुनी गई, जिससे यह कदम उठाना जरूरी हो गया। इस दौरान एक विकलांग व्यक्ति, जो अपनी पेंशन निकलवाने जा रहा था, जाम में फंस गया और उसे पेंशन निकालवाने से वंचित रहना पड़ा।
जाम की वजह से आम लोगों और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार टकराव भी हुआ, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण स्थिति हिंसक नहीं हुई। स्थानीय निवासियों की मांग है कि सीवरेज नाला खोलने के साथ‑साथ भविष्य में इस मार्ग और चांदपुर ढाणी से जुड़े मोहल्ले की सीवरेज लाइनों का पुनर्निर्माण करके इस तरह की समस्याओं को जड़ से खत्म किया जाए, ताकि भीषण गर्मी और मानसून के दौरान लोगों को हर साल यही परेशानी न झेलनी पड़े।

