झज्जर में सीएम नायब सिंह सैनी के दौरे के दौरान महिला प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने शानदार प्रबंधन किया। नेतृत्व की इस कुशलता ने सुशासन की नई मिसाल पेश की है।
संजीत कबलाना, झज्जर। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बादली दौरे ने जिले को 200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी, लेकिन यह कार्यक्रम एक और विशेष कारण से चर्चा का केंद्र बन गया। जिले की महिला प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने पूरे कार्यक्रम की कमान संभालते हुए प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन और बेमिसाल नेतृत्व का परिचय दिया। मुख्यमंत्री के आगमन से लेकर उनके प्रस्थान तक, पूरा प्रशासनिक तंत्र मुस्तैद रहा। जिला उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने व्यवस्थाओं का कुशल नेतृत्व किया और हर गतिविधि पर बारीक नजर बनाए रखी। उनकी त्वरित निर्णय लेने की क्षमता ने कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालना
कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के नेतृत्व में पूरी तरह सुरक्षित रही। उनके व्यापक अनुभव और रणनीतिक दृष्टिकोण का असर चप्पे-चप्पे पर दिखाई दिया। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के तहत हेलीपैड से लेकर सभा स्थल तक पुलिस बल की तैनाती रही। डीएसपी धारणा यादव, छह एसीपी और लगभग 650 पुलिस जवानों ने कड़ी सतर्कता बरती, जिससे कार्यक्रम पूरी तरह व्यवस्थित और शांतिपूर्ण रहा। इस दौरान जिले के महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर आसीन डीसीपी दीप्ति गर्ग, एसडीएम रेणुका नांदल और सीटीएम रितु सहित अनेक महिला अधिकारियों ने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया।

महिला नेतृत्व की गूँजती चर्चा
इस आयोजन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच महिला नेतृत्व की जमकर सराहना हुई। लोगों का मानना है कि झज्जर ने यह सिद्ध कर दिया है कि नेतृत्व क्षमता किसी लिंग की मोहताज नहीं होती। महिला अधिकारियों ने इस उपलब्धि का श्रेय अपनी टीम भावना और कर्तव्यनिष्ठा को दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक अधिकारी के लिए जनसेवा और काम के प्रति समर्पण ही सर्वोपरि है। इस सफल आयोजन ने न केवल सुशासन की मिसाल कायम की, बल्कि हरियाणा में बढ़ते महिला सशक्तिकरण का एक सकारात्मक सामाजिक संदेश भी दिया है, जो भविष्य में अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बनेगा।


