अशोक कुमार, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय). आर्थिक तंगी और सामाजिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा से दूर रहने वाले बच्चों के लिए श्री शांति फाउंडेशन की पहल नई उम्मीद लेकर आई है. सूजाबाद पड़ाव के स्लम क्षेत्र में संचालित ‘शांति की पाठशाला’ के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को पूरी तरह निशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है. संस्था का उद्देश्य इन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर उनका भविष्य उज्ज्वल बनाना है.
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पांच वर्षों से लगातार समाजसेवा का अभियान
श्री शांति फाउंडेशन की प्रतिनिधि सोनम कुमारी ने बताया कि संस्था पिछले पांच वर्षों से शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है. फाउंडेशन का लक्ष्य केवल बच्चों को पढ़ाना ही नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों की हरसंभव मदद करना भी है. संस्था शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समान महत्व देती है.
365 दिन भोजन, कपड़े और स्वास्थ्य सेवाएं
फाउंडेशन वर्ष के 365 दिन जरूरतमंद बच्चों और गरीब परिवारों के बीच भोजन वितरण करता है. इसके अलावा स्लम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कपड़े और सर्दियों में कंबल भी उपलब्ध कराए जाते हैं. संस्था प्रत्येक महीने दो निःशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित करती है, जहां जरूरतमंद लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सकीय परामर्श दिया जाता है.
स्लम के बच्चों को मिल रही नई दिशा
‘शांति की पाठशाला’ में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे सूजाबाद पड़ाव के स्लम क्षेत्र से आते हैं ये वे बच्चे हैं जो आर्थिक कठिनाइयों या अन्य सामाजिक कारणों से नियमित स्कूल नहीं जा पाते. संस्था उन्हें बुनियादी शिक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है, ताकि वे भविष्य में बेहतर अवसर हासिल कर सकें.
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लोगों ने बताया प्रेरणादायक प्रयास
स्थानीय लोगों ने श्री शांति फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा, भोजन, वस्त्र और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर संस्था समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही है. लोगों का मानना है कि इस तरह की सामाजिक पहलें न केवल बच्चों का भविष्य संवार रही हैं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के जीवन में भी नई उम्मीद जगा रही हैं. क्षेत्र में ‘शांति की पाठशाला’ आज मानवता और समाजसेवा की मिसाल बन चुकी है.


