करनाल।हरियाणा महिला आयोग ने अभद्र भाषा के इस्तेमाल के मामले में सिंगर मासूम शर्मा के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर 18 अप्रैल को करनाल में पेश होने के लिए तलब किया है।
आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने गुरुवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में कहा कि मासूम शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं के सामने मंच से अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए गालियां दीं। इस मामले को आयोग ने गंभीरता से लिया है।
प्रदेश में गन और गंदे कल्चर को दे रहे बढ़ावा
उन्होंने कहा कि कुछ लोग प्रदेश में गन और गंदे कल्चर को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कला के नाम पर समाज में गलत संदेश फैलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
मासूम शर्मा द्वारा कथित तौर पर दी गई धमकी के सवाल पर भाटिया ने कहा कि इसकी सच्चाई की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में पुलिस मौजूद थी, ऐसे में कलाकार को संयम बनाए रखना चाहिए था।
गानों में मां-बहन की गालियां देना बेहद निंदनीय
रेणु भाटिया ने दोहरे मापदंडों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ महिलाओं के सम्मान की बात करना और दूसरी ओर गानों में मां-बहन की गालियां देना या महिलाओं की तुलना शराब और हथियारों से करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने “गाली दो और माफी मांगो” संस्कृति को घटिया मानसिकता बताते हुए कहा कि केवल माफी मांगना अब स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस तरह के मामलों पर सख्ती के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर डिजिटल कंटेंट पर सेंसरशिप लागू करने, सोशल मीडिया और गानों की निगरानी के लिए विशेष तंत्र बनाने की सिफारिश की गई है। साथ ही राज्य स्तर पर आपत्तिजनक सामग्री पर तुरंत कार्रवाई के लिए कमेटी गठित करने की मांग भी की गई है।
आयोग ने संगीत जगत से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे अपनी रचनाओं में महिलाओं के सम्मान का विशेष ध्यान रखें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान भाटिया ने नारी वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि इससे महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जो देश के विकास में उनकी भागीदारी को मजबूत करेगा।

