हेमंत शर्मा, इंदौर। उत्तर प्रदेश के एक मौलाना के कथित विवादित बयान को लेकर अब इंदौर में भी विरोध तेज हो गया है। राष्ट्रीय संत स्वर्गीय भय्यू महाराज की पत्नी डॉ. आयुषी देशमुख ने मौलाना के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पुलिस को शिकायत सौंपने और मामला दर्ज कराने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी धर्म, देवी-देवता या करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता।डॉ. आयुषी देशमुख ने कहा कि भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और सनातन परंपराओं पर लगातार विवादित टिप्पणियां की जा रही हैं, जिससे करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। उनके अनुसार ऐसे मामलों में केवल बयानबाजी या माफी पर्याप्त नहीं है, बल्कि कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

मौलाना के खिलाफ FIR की मांग

राष्ट्रीय संत स्वर्गीय भय्यू महाराज की पत्नी डॉ. आयुषी देशमुख ने मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हीरानगर थाना पुलिस को लिखित आवेदन सौंपा है।आवेदन में आरोप लगाया गया है कि मौलाना के कथित बयान से करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।उन्होंने पुलिस से भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।डॉ. देशमुख का कहना है कि ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द बिगाड़ सकते हैं और दो समुदायों के बीच तनाव पैदा कर सकते हैं।

“पहले अपना DNA टेस्ट करवा लो”

अपने बयान में डॉ. देशमुख ने मौलाना पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग राम के वंशजों या सनातन पर सवाल उठाते हैं, उन्हें पहले अपना DNA टेस्ट करवा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि “सच अपने आप सामने आ जाएगा। बिना किसी प्रमाण के धार्मिक आस्था पर टिप्पणी करना समाज में तनाव पैदा करता है।”

कड़े कानून की मांग

डॉ. देशमुख ने केंद्र सरकार से मांग की कि धार्मिक आस्था का अपमान करने वालों के खिलाफ कठोर कानून बनाया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी धर्म की भावनाओं से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके। उनका कहना है कि बार-बार इस तरह के विवाद सामने आना यह दर्शाता है कि मौजूदा कानूनी व्यवस्था पर्याप्त निवारक प्रभाव नहीं डाल पा रही है।

धर्मांतरण पर भी जताई चिंता

उन्होंने धर्मांतरण के मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि योजनाबद्ध तरीके से लोगों की धार्मिक सोच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार सनातन संस्कृति प्रेम, सेवा और मानवता का संदेश देती है, लेकिन लगातार उसे निशाना बनाया जा रहा है।साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के खिलाफ नफरत फैलाना उचित नहीं है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर हिंदू देवी-देवताओं, धार्मिक प्रतीकों या परंपराओं पर टिप्पणी करता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होना आवश्यक है।

सावन से पहले श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील

डॉ. आयुषी देशमुख ने सावन, महाकाल की सवारी और धार्मिक आयोजनों का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रसाद खरीदते समय केवल दुकान के नाम पर भरोसा न करें, बल्कि डिजिटल भुगतान करते समय यह भी देखें कि भुगतान किस नाम के खाते में जा रहा है। यह उनकी व्यक्तिगत अपील है।उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग नाम बदलकर व्यापार कर रहे हैं, उन्हें पारदर्शिता रखनी चाहिए। उनके अनुसार श्रद्धालुओं को यह जानने का अधिकार है कि वे किससे खरीदारी कर रहे हैं।

पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग*

डॉ. देशमुख ने कहा कि महाकाल की सवारी और सावन जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति या समूह धार्मिक माहौल बिगाड़ने या आस्था को ठेस पहुंचाने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे धार्मिक मामलों में संयम बनाए रखें और यदि किसी बयान या घटना से आपत्ति हो तो उसका विरोध कानून के दायरे में रहकर करें।

क्या है पूरा मामला?

यह विवाद उत्तर प्रदेश के एक मौलाना के उस कथित बयान के बाद सामने आया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण को लेकर विवादित दावा किया गया था। इस बयान के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई हिंदू संगठनों, संतों और राजनीतिक नेताओं ने विरोध दर्ज कराया। अब इंदौर में डॉ. आयुषी देशमुख की शिकायत और उनके बयान के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।

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