अंबाला से कांग्रेस सांसद वरुण मुलाना के नेतृत्व में यमुनानगर शहरी इकाई ने बढ़ती महंगाई और नीट पेपर लीक के विरोध में पैदल मार्च निकाला। विपक्ष ने इन ज्वलंत मुद्दों को लेकर केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ तीखे सवाल दागे हैं।

परवेज खान, यमुनानगर। बढ़ती देशव्यापी महंगाई को लेकर जहां भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेता, मंत्री और मुख्यमंत्री अपने अलग-अलग तर्क दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना लिया है। अब यह जनहित का मुद्दा सिर्फ सामान्य बयानबाजी तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि विपक्ष इसे सीधे सड़कों पर ले जाकर आगामी चुनाव में वोटों के रूप में भुनाना चाहता है। इसी सिलसिले में अंबाला लोकसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित कांग्रेस सांसद वरुण मुलाना (वरुण चौधरी) के कुशल नेतृत्व में यमुनानगर शहरी इकाई की तरफ से एक विशाल पैदल रोष मार्च निकाला गया। इस प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों की संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और यमुनानगर कांग्रेस के कई बड़े कद्दावर नेता मुख्य रूप से मौजूद रहे, जहां सांसद वरुण मुलाना ने सत्ता पक्ष भाजपा से तीखे सवाल कर जवाब मांगे।

नीट पेपर लीक और महंगाई पर घेरा

यमुनानगर की व्यस्त सड़कों पर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता अपने हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां और दलीय झंडे लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते नजर आए। सांसद वरुण चौधरी के नेतृत्व में निकाले गए इस पैदल रोष मार्च में प्रदर्शनकारियों ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले को प्रमुखता से उठाते हुए देश के करोड़ों युवाओं के सुनहरे भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने लगातार बेकाबू ढंग से बढ़ रही महंगाई और पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दामों को लेकर भी सीधे तौर पर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि इन जनविरोधी नीतियों के कारण आज समाज का हर वर्ग पूरी तरह से त्रस्त हो चुका है।

बिना लक्ष्य के विकसित भारत का दावा

अंबाला सांसद वरुण चौधरी ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि केंद्र सरकार वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का बड़ा दावा कर रही है। लेकिन, जब इस संबंध में देश की संसद में बकायदा सवाल पूछा गया तो विभागीय जवाब मिला कि अभी तक इसके लिए कोई स्पष्ट लक्ष्य और रोडमैप तय नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस योजना और रणनीतिक लक्ष्य के देश को विकसित बनाने का यह सपना केवल लोक-लुभावन घोषणाओं तक ही सीमित रह जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के समय पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से सभी विकास कार्यों की एक निश्चित दिशा तय होती थी, लेकिन मौजूदा सरकार की प्राथमिकताएं ही गायब हैं।

कानून व्यवस्था और अवैध खनन पर हमला

कांग्रेस सांसद ने हरियाणा प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे में व्यापारी खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और कई कारोबारी धमकियों के डर से अपना व्यापार समेटकर दूसरे शांतिप्रिय राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। इसके अलावा उन्होंने यमुना नदी में बेखौफ हो रहे अवैध खनन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हर वर्ष बाढ़ के कारण लोगों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी बड़ी समस्या को लेकर कांग्रेस आगामी 2 जून को सोम नदी के पुल पर एक और बड़ा प्रदर्शन कर सरकार को घेरेगी।