यमुनानगर में योजनाओं में गड़बड़ी का मामला, किसानों के नाम पर कागजों में बाग और वर्मी कंपोस्ट यूनिट दिखाकर करोड़ों की अनियमितताओं के आरोप

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़: हरियाणा के बागवानी विभाग की विभिन्न योजनाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 13 साल पुरानी जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। यमुनानगर में वर्ष 2007-08 से 2012-13 के दौरान जिला बागवानी अधिकारी (DHO) रहे डॉ. सुधीर यादव, तत्कालीन बागवानी विकास अधिकारी (HDO) सोरन सिंह समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है।

एफआईआर में नामजद डॉ. सुधीर यादव वर्तमान में बागवानी विभाग में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि HDO सोरन सिंह सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

2013 में शुरू हुई थी जांच

मामले की जांच वर्ष 2013 में शुरू की गई थी। जांच के दौरान कुल 26 आरोपों की पड़ताल हुई, जिनमें से यमुनानगर जिले से जुड़े 5 आरोप सही पाए गए। एंटी करप्शन ब्यूरो ने अपनी जांच रिपोर्ट जुलाई 2025 में राज्य सरकार को सौंप दी थी, जिसके आधार पर अब एफआईआर दर्ज की गई है।

घटिया बीज और फर्जी लाभार्थियों का मामला

जांच में सामने आया कि रोहतक, सिरसा, यमुनानगर, पानीपत, कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद, रेवाड़ी और नारनौल जिलों में घटिया गुणवत्ता के बीज वितरित करने के 82 मामले मिले। इसके अलावा करीब 6.30 लाख रुपये मूल्य के बीज किसानों को दिए बिना ही वितरण दर्शा दिया गया।

जांच में यह भी पाया गया कि कई मामलों में कागजों पर ही आम और चीकू के बाग तथा वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित दिखा दी गईं। पौधरोपण के लिए गड्ढे खोदने के कार्य में भी किसानों के नाम पर कथित अनियमितताएं सामने आईं।

अब एंटी करप्शन ब्यूरो की एफआईआर के बाद मामले में आगे की जांच और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।

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