परवेज खान, यमुनानगर. हरियाणा में अवैध खनन के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई यमुनानगर में देखने को मिल रही है। सरकार ने खनन माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों से 95 माइनिंग गार्ड और बाहरी जिलों के अधिकारियों की तैनाती की है। इसके बाद खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
खनन विभाग ने बेलगढ़, बल्लेवाला, नगली मोहिउद्दीनपुर और रणजीतपुर माइनिंग जोन में चौबीस घंटे नाके लगाकर सख्त निगरानी शुरू कर दी है। दिन-रात खनिज से भरे वाहनों की जांच की जा रही है ताकि अवैध परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
विभागीय अधिकारी राजेश कुमार के मुताबिक सिर्फ एक दिन में करीब 1100 खनिज से लदे वाहनों की जांच की गई, जिनमें 11 वाहनों के दस्तावेज अधूरे पाए गए। इसके बाद संबंधित वाहनों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

खनन विभाग अब केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्टोन क्रेशर और स्क्रीनिंग प्लांटों पर पड़े माल की भी पैमाइश की जा रही है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि खनिज का स्टॉक नियमों के तहत है या नहीं।
हरियाणा खनन विभाग के डायरेक्टर के.एम. पांडुरंग लगातार अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं। विभाग का कहना है कि अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पूरे नेटवर्क पर नजर रखी जा रही है।

हालांकि इस कार्रवाई के बीच बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर सख्ती की जरूरत क्यों पड़ी और अब तक अवैध खनन का खेल किस हद तक चलता रहा।
- 32 महिलाओं की रिहाई की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग, दरभंगा में जोरदार विरोध प्रदर्शन
- तीनों लोकों के सामने उसका वध करूंगा… ‘Ramayana’ का नया इंटरनेशनल ट्रेलर रिलीज, VFX और दमदार डायलॉग ने खींचा ध्यान
- रायपुर में गैस एजेंसी के सुपरवाइजर की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर लूट, डेढ़ लाख छीनकर फरार हुए आरोपी, जांच में जुटी पुलिस
- छत्तीसगढ़ में गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की तैयारी: SUMAN रोडमैप 2030 के तहत बनेगी कार्ययोजना, 12 जिलों पर रहेगा विशेष फोकस
- पोर्टल खुलेगा या नहीं? लाडली बहना योजना पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका, पूर्व पार्षद सुधा दुबे बोलीं- जनता को मिलें स्पष्ट जवाब!

