यमुनानगर पुलिस ने मोहाली की एक इमिग्रेशन फर्म के संचालकों के खिलाफ कनाडा भेजने के नाम पर 19 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पीड़ित ने अपनी संपत्ति बेचकर और पीएफ निकालकर आरोपितों को पैसे दिए थे।

यमुनानगर। जिले में विदेश भेजने के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। शहर यमुनानगर थाना पुलिस ने पंजाब के मोहाली स्थित इमिग्रेशन फर्म ‘रुद्राक्ष ओवरसीज साल्यूशन’ के संचालकों और कर्मचारियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई राधा कृष्ण दुरेजा कैंप निवासी सुमित कुमार की शिकायत पर की गई है, जिनसे कनाडा भेजने के नाम पर कुल 19 लाख 20 हजार 560 रुपये की ठगी की गई। आरोपितों ने सुमित को फेसबुक विज्ञापन के जरिए जाल में फंसाया और कम समय में कनाडा का पीआर (PR) व वर्क परमिट दिलाने का झूठा भरोसा दिया था।

विज्ञापन के जरिए बिछाया गया था ठगी का जाल

पीड़ित सुमित कुमार ने बताया कि वर्ष 2022 में उन्होंने फेसबुक पर कनाडा भेजने संबंधी एक विज्ञापन देखा था, जिसके बाद उनकी बातचीत फर्म के संचालक राकेश रिक्खी और उसकी पत्नी प्रभा से हुई। आरोपितों ने उन्हें मोहाली स्थित कार्यालय में बुलाया, जहाँ उनकी मुलाकात फर्म के कर्मचारी योगिता, बलजीत सिंह संधु, गुरचरण ढींढसा, हरनूर कौर और शिवम कुमार से हुई। आरोपितों ने विदेश भेजने का कुल खर्च 20 लाख रुपये बताया। सुमित ने आरोपितों के बताए खातों में अलग-अलग समय पर 19 लाख रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर कर दी। यह रकम सुमित ने अपनी संपत्ति बेचकर और पीएफ का पैसा निकालकर बड़ी मुश्किल से जमा की थी।

तीन साल का इंतजार और आरोपी हुए फरार

पैसे लेने के बाद आरोपित लगातार सुमित को आश्वासन देते रहे कि फाइल प्रोसेस में है या एंबेसी की प्रक्रिया चल रही है। समय बीतने के साथ ही आरोपितों ने फोन उठाना कम कर दिया और अंत में पैसे वापस करने से साफ इनकार कर दिया। जाँच में यह भी सामने आया है कि इस फर्म और इसके संचालकों पर पहले से ही पंजाब के मोहाली, होशियारपुर, लुधियाना, कुरुक्षेत्र और थाना छप्पर में धोखाधड़ी के सात मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस ने सुमित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके।

ऐसे मामलों में क्या करें

ऐसी फर्मों का शिकार होने से बचने के लिए पुलिस प्रशासन अक्सर लोगों को जागरूक करता रहता है। ‘रुद्राक्ष ओवरसीज साल्यूशन’ जैसी फर्में पहले भी कई लोगों को अपनी बातों में फंसाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुकी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोग किसी भी इमिग्रेशन फर्म को पैसे देने से पहले उसके पंजीकरण और पिछले ट्रैक रिकॉर्ड की अच्छी तरह जांच कर लें। सुमित कुमार के मामले में अब पुलिस बैंक खातों के ट्रांजेक्शन और फर्म के अन्य सहयोगियों की भूमिका की गहनता से जाँच कर रही है ताकि इस गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।